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'स्पिरिट' ने काम करना शुरू किया
मंगल ग्रह पर गए अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के रोवर यान 'स्पिरिट' ने 10 दिन बंद रहने के बाद पहली बार फिर से काम करना शुरू कर दिया है. नासा का कहना है कि उसके वैज्ञानिक रोबोट यान की संचार प्रणाली पर लगातार काम कर रहे थे. स्पिरिट मंगल ग्रह पर तीन जनवरी को पहुँचा था और लाल सतह वाले मंगल ग्रह की सतह का अध्ययन करेगा. स्पिरिट की तरह ही जाँच करने वाला एक और रोबोट यान ऑपर्च्यूनिटी भी मंगल की सतह पर पहुँच चुका है और नासा का कहना है कि इतिहास में पहली बार दो रोबोट यान एक ही साथ मंगल की धरती पर पहुँचे हैं. नासा के डॉक्टर मार्क एडलर का कहना था, "हम इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि स्पिरिट अब सामान्य ढंग से काम कर रहा है. कल हम कुछ एहतियाती क़दम और उठाएँगे." नासा ने कहा है कि स्पिरिट के सॉफ़्टवेयर की स्थिति कुछ ऐसी है कि अब उसमें काफ़ी कुछ बदलने की ज़रूरत है. ऑपर्च्यूनिटी मंगल की सतह पर जिस जगह उतरा है उसे 'मेरीडिएनी प्लैनम' का नाम दिया गया है. ये जगह उस जगह से विपरीत दिशा में है जहाँ स्पिरिट उतरा है. स्पिरिट जहाँ उतरा है उसे 'गुसेव क्रेटर' का नाम दिया गया है और ऐसी उम्मीद की जाती है कि वहाँ किसी समय में एक झील रही होगी. दोनों ही रोबोट यानों का मक़सद उन जगहों की सतह का अध्ययन करना है, जिससे पिछले वातावरण के बारे में पता लगाया जा सके. |
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