डेटिंग ऐप से ख़त्म हो रहा है रोमांस!

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डेटिंग ऐप और इंटरनेट रोमांस ख़त्म कर रहा है.
इतिहासकार और टीवी प्रस्तोता लूसी वर्सली का मानना है कि डेटिंग ऐप के कारण लोगों का मिलना-जुलना इतना आसान हो गया है कि अब रोमांस में वो कशिश नहीं रही.
ब्रिटेन के रेडियो टाइम्स से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रेमी जोड़ों में एक दूसरे से मिलने की जो बेताबी होती थी वो अब नहीं होती क्योंकि उन्हें पहले जैसी पाबंदियों और अड़चनों का सामना नहीं करना पड़ता.
वो कहती हैं कि ग्रिंडर और टिंडर के दौर में प्रेम में अब किसी तरह की छटपटाहट नहीं रही.

ग्रिंडर और टिंडर ऑनलाइन डेटिंग ऐप हैं.
रिलेशनशिप एक्सपर्ट का कहना है कि अब लोग प्रेम में प्रतिबद्ध नहीं हो पा रहे.
विकल्पों की भरमार
बीबीसी से बातचीत में टिन्डर काउंसलर और थेरेपिस्ट पीटर सैडिंगटन कहते हैं, "ऐसे कई लोग हैं जो रिश्ता बनाते तो हैं लेकिन उसे अागे जारी नहीं रख पा रहे. मुश्किलों का सामना करने की बजाय वे तुरंत किसी दूसरे की ओर बढ़ जाते हैं."
पीटर ने कहा, "हालांकि ये रवैया नया नहीं है. लेकिन आज इसका तरीका बदल गया है. क्योंकि विकल्प भी बढ़ गए हैं."

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टिंडर यूजरों की संख्या तो नहीं बताती लेकिन उसका दावा है कि यहां हर रोज 2 करोड़ 60 लाख जोड़े बनते हैं.
इसका कहना है कि साल 2012 में शुरू होने के बाद अब तक यहां 8 अरब से अधिक जोड़े बने हैं.
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