दुनिया पोलियो को 'हराने के क़रीब'

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अमरीकी के रोग नियंत्रण केंद्र (सीडीसी) ने कहा है कि दुनियाभर में पोलियो उन्मूलन की दिशा में अहम कामयाबी हासिल हुई है.

विशेषज्ञ मानते हैं कि बड़े पैमाने पर अभियानों के बाद पोलियो वायरस के तीन रूपों में से दूसरे का पूरी तरह उन्मूलन कर दिया गया है.

वाइल्ड पोलियो वायरस टाइप तीन फिलहाल तीन साल से देखने में नहीं आया है. टाइप दो को 1999 में ही उन्मूलित कर दिया गया था.

विशेषज्ञों ने कहा कि दुनिया पोलियो को ‘हराने के क़रीब’ है लेकिन पाकिस्तान में हालात चिंताजनक हैं.

सीडीसी रिपोर्ट के मुताबिक़ टाइप तीन पोलियो वायरस का आख़िरी केस पाकिस्तान में नवंबर 2012 में मिला था.

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संक्रामक रोग

पोलियो संक्रामक रोग है और इसमें 200 में से एक व्यक्ति के अंग बेकार हो जाते हैं.

कभी-कभी सांस लेने में मदद करने वाली मांसपेशियां काम करना बंद कर देती हैं, तो बच्चों की भी मौत हो जाती है.मगर इस बीमारी को ख़त्म करने की दिशा में अब काफी प्रगति हुई है. 1988 में साढ़े तीन लाख केसों से 2013 में ये घटकर 416 तक पहुंच चुके हैं.

पोलियो टीकाकरण

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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान में हालात ज़्यादा नाज़ुक हैं.

सीडीसी के सेंटर फ़ॉर ग्लोबल हैल्थ में वरिष्ठ सलाहकार डॉक्टर स्टीफ़न कोची का कहना है, "हमने तीन में से दूसरे वायरस को समाप्त कर दिया है और यह मील के पत्थर जैसा है."

आधिकारिक घोषणा

हालांकि पोलियो ग्लोबल सर्टिफ़िकेशन कमीशन की तरफ़ से टाइप तीन के समाप्त होने की आधिकारिक घोषणा होनी अभी बाक़ी है. और इसमें अभी एक साल और लगेगा.

फिलहाल टाइप एक वायरस का पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान और नाइजीरिया में काफ़ी असर है.

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पाकिस्तान में हालात ज़्यादा नाज़ुक हैं जहां पिछले साल 59 के मुक़ाबले इस साल 236 मामले पाए गए हैं और बढ़ रहे हैं.

पाकिस्तानी तालिबान ने दो साल से देश के कबायली इलाक़ों में पोलियो टीकाकरण पर पाबंदी लगा रखी है. दूसरे, 2013 में यह वायरस पाकिस्तान से सीरिया पहुंच गया है.

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