'समुद्र में जलस्तर 4.5 फ़ीट बढ़ेगा'

अंटार्कटिका
इमेज कैप्शन, संयुक्त राष्ट्र ने सदि के अंत तक समुद्री जलस्तर बढ़ने का जो अनुमान लगाया है, उससे दोगुना ज़्यादा बढ़ सकता है.

अंटार्कटिका में जलवायु परिवर्तन पर हुए एक बड़े अध्ययन से पता चला है कि 2100 तक विश्व भर में समुद्र का जलस्तर साढ़े चार फ़ीट बढ़ सकता है.

यदि ऐसा होता है तो ये संयुक्त राष्ट्र की जलवायु परिवर्तन पर बनी समिति के अनुमानों से दो गुना से भी ज़्यादा होगा.

ग़ौरतलब है कि जलवायु परिवर्तन पर विभिन्न सरकारों की समिति ने अनुमान लगाया था इस सदि के अंत तक समुद्र का जलस्तर केवल 11 से 16 इंच बढ़ेगा.

तेज़ी से पिघलती बर्फ़

अंटार्कटिका पर ताज़ा अध्ययन साइंस कमेटी ऑन अंटार्कटिक रिसर्च नाम की संस्था ने किया है.

इस अध्ययन से पता चला है कि अंटार्कटिक पर बर्फ़ की परत बहुत ही तेज़ी से पिघल रही है. महाद्वीप के पश्चिमी हिस्से में उष्ण समुद्री लहरें और गर्म हो रही हैं और बर्फ़ की परतों के नीचे गर्म पानी बहने से बर्फ़ और तेज़ी से पिघल रही है.

इस अध्ययन में 100 प्रमुख वैज्ञानिकों के लेख इस्तेमाल किए गए हैं जिन पर 200 अन्य वैज्ञानिकों ने पुन: अध्ययन किया है.

साइंस कमेटी ऑन अंटार्कटिक रिसर्च यानी अंटार्कटिक पर शोध के लिए वैज्ञान समिति के कार्यकारी निदेशक डॉक्टर कॉलिन समरहेयज़ कहते हैं, "इससे उस वैश्विक त्रास्दी की तस्वीर सामने आती है जिसका हम सामना कर रहे हैं. हवा का तापमान बढ़ रहा है, समुद्र का तापमान बढ़ रहा है...लेकिन जो हम देख रहे हैं उसमें सूर्य का प्रभाव बहुत कम है."

महत्वपूर्ण है कि इस अध्ययन की रिपोर्ट अंटार्कटिक संधि के ठीक 50 साल पूरे होने और जलवायु परिवर्तन पर होने वाले महत्वूपर्ण कोपनहेगन सम्मेलन से एक हफ़्ता पहले आई है.

अंटार्कटिक संधि वहाँ ज़मीन का इस्तेमाल तय करने से संबंधित अंतरराष्ट्रीय समझौता है.