कज़ाख़स्तान में हिंसा से बिटकॉइन क्यों पिट गया?

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अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व के बयान के बाद बिटकॉइन कई महीनों बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है.
क्रिप्टो-करेंसी का मूल्य प्रति डिज़िटल कॉइन 47 हज़ार डॉलर से गिरकर इस हफ़्ते 42 हज़ार डॉलर से भी कम पर पहुँच गया. इस हफ़्ते भी क़ीमत 42 हज़ार डॉलर के आसपास ही है.
यह फ़ेडरल रिज़र्व की बैठक की जानकारी सामने आने के बाद हुआ. इस बैठक में ब्याज दर बढ़ाने की बात हुई है.
कज़ाख़स्तान में राजनीतिक अस्थिरता का असर भी इस पर पड़ा है क्योंकि नेटवर्ट क्षमता प्रभावित होने की आशंका गहरा गई है.
बिटकॉइन के कमज़ोर और मज़बूत होने में एक छोटा कारण भी अहम होता है. वैश्विक और विकेंद्रीकृत प्रकृति के कारण बिटकॉइन का गिरना और चढ़ना आम बात है.
बिटकॉइन माइनिंग
लेकिन कई विशेषज्ञों का मानना है कि फ़ेडरल रिज़र्व की दिसंबर में हुई बैठक के नोट जारी होने का असर भी ख़ासा पड़ा है.
अमेरिका के केंद्रीय बैंक से ब्याज दरें बढ़ाने की बात निकलकर आई है. कहा जा रहा है कि ब्याज दरें बढ़ाने की बात वक़्त से पहले आ गई है.
ब्याज दरें बढ़ाई जाती हैं तो बिटकॉइन में निवेश करने वाले सीधे प्रभावित होंगे क्योंकि वे फिर कम जोखिम वाले निवेश की तरफ़ रुख़ करेंगे.
दूसरी तरफ़ कज़ाख़स्तान में बड़े स्तर पर बिटकॉइन माइनिंग की प्रक्रिया होती है.
बिटकॉइन माइनिंग का मतलब उस प्रक्रिया से है, जिसके तहत लेन-देन को प्रमाणित किया जाता है और नए कॉइन बनाए जाते हैं.

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मध्य-एशिया के देश कज़ाख़स्तान में पिछले हफ़्ते राजनीतिक अस्थिरता की शुरुआत हुई थी.
वहां के नागरिक ईंधन की क़ीमत बढ़ाने के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने सड़कों पर उतर गए. प्रदर्शन हिंसक हो गया और कई लोगों की जान भी गई.
प्रदर्शनकारियों को दंगाई की तरह देखा गया. सबसे बड़े शहर अलमाती में कई इमारतों को प्रदर्शनकारियों ने अपने नियंत्रण में ले लिया था.
कज़ाख़स्तान के बारे में कहा जाता है कि सस्ती बिजली के कारण यहाँ क़रीब 20 फ़ीसदी बिटकॉइन माइनिंग होती है.
पिछले हफ़्ते की शुरुआत में यहाँ इंटरनेट बंद कर दिया गया था और इससे पूरे बिटकॉइन नेटवर्क पर असर पड़ा.
क्या हुआ?
- प्रति कॉइन मूल्य 47,000 डॉलर से ऊपर था लेकिन गिरावट शुरू हो गई
- पिछले हफ़्ते 46,000 डॉलर से गिरावट शुरू हुई
- बुधवार को फ़ेडरल रिज़र्व बैठक के नोट्स जारी हुए
- गुरुवार को बिटकॉइन की क़ीमत गिरकर 42 हज़ार डॉलर तक पहुँच गई
- गुरुवार को बिटकॉइन की क़ीमत एक समय रिरवरी से पहले 41 हज़ार डॉलर के न्यूनतम स्तर पर भी पहुँची

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बिटकॉइन में यह गिरावट सितंबर 2021 के बाद से सबसे बड़ी थी. नवंबर में बिटकॉइन 60 हज़ार डॉलर तक पहुँच गया था.
अन्य क्रिप्टो करेंसी में भी गिरावट दर्ज की गई है. इथेरम की क़ीमत बुधवार को 3,800 डॉलर के क़रीब थी जो शुक्रवार को 3,200 डॉलर से भी कम पर पहुँच गई.
सिंगापुर स्थित क्रिप्टोकंपनी स्टैक फंड्स के मैथ्यु डिब ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, "हम अभी बाज़ार में अनिश्चितता देख रहे हैं. लोगों में निवेश को लेकर डर है. ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका के कारण लोग डरे हुए हैं."
मैथ्यु ने कहा छोटी अवधि वाली मिड-30 की क्रिप्टो करेंसी से भी लोग अपना निवेश खींच सकते हैं.

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क्रिप्टोकरेंसी और ख़ासकर बिटकॉइन को लेकर लगातार विवाद बना रहा है.
फ़ायरफॉक्स वेब ब्राउजर बनाने वाला ग्रुप मोज़िला फाउंडेशन ने भी कहा है कि वो अब क्रिप्टो करेंसी में डोनेशन स्वीकार नहीं करेगा.
ऐसा उसने यूज़र्स के पीछे हटने के बाद फ़ैसला लिया है.
कई सालों से मोज़िला फाउंडेशन क्रिप्टो करेंसी स्वीकार कर रहा था लेकिन हालिया ट्वीट से फिर से क्रिप्टो करेंसी की अनियमित प्रकृति को लेकर बहस शुरू हो गई. मोज़िला के इस ट्वीट से लोग नाराज़ भी दिखे.
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