|
दक्षिण एशिया के पत्रकारों को 'ख़तरा' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के एक मानवाधिकार गुट का कहना है कि दक्षिण एशिया में बढ़ती हिंसा की वजह से पत्रकार गंभीर ख़तरे में हैं. 'कमिटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट' (सीपीजे) ने उन देशों की सूची तैयार की है जहाँ नियमित रूप से पत्रकारों पर हमले किए जाते हैं या उनकी हत्या की जाती है. समिति की सूची के ऐसे पहले 14 देशों में छह देश दक्षिण एशिया में हैं जहाँ के अधिकारी पत्रकारों की हत्या के मामले सुलझाने में विफल रहे हैं. इसी साल श्रीलंका के एक संपादक और नेपाल के एक रेडियो पत्रकार की हत्या हुई है. समिति की रिपोर्ट का कहना है कि श्रीलंका और पाकिस्तान में रिपोर्टरों पर हमले बढ़ गए हैं जबकि अफ़ग़ानिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और भारत का नाम भी 14 देशों की सूची में है. सीपीजे के एशिया सलाहकार शॉन क्रिस्पिन ने रॉयटर समाचार एजेंसी से कहा, "दक्षिण एशिया के राजनीतिक हालात बिगड़ते जा रहे हैं." बढ़ती हिंसा उन्होंने कहा कि कुछ देश हथियारबंद संघर्ष के युग में प्रवेश कर रहे हैं और इसके साथ ही वहाँ के पत्रकारों पर ख़तरा बढ़ गया है. समिति के सर्वेक्षण ने श्रीलंका में बढ़ती हिंसा को इंगित किया. इसी साल संडे लीडर नाम के अख़बार के संपादक लासांता विक्रमतुंगा की हत्या कर दी गई थी जबकि एक दूसरे हमले में एक और संपादक उपाली तेनाकून घायल हो गए थे. क्रिस्पिन ने तेज़ी से ख़राब हो रहे पाकिस्तान के हालात की ओर भी इशारा किया. उन्होंने कहा, "वहाँ बहुत पत्रकार शिकार हो रहे हैं. ज़रूरी नहीं कि वे किसी संघर्ष में मारे जा रहे हों लेकिन विरोधी गुट उन्हें शिकार बना रहे हैं. उन्हें पत्रकारों की कवरेज पसंद नहीं होती इसलिए वे उन्हें निशाना बनाते हैं. " टीवी रिपोर्टर मूसा खंखेल को फ़रवरी में पाकिस्तान के स्वात ज़िले में गोली मार दी गई थी. नेपाल में भी इस साल एक हाईप्रोफ़ाइल हत्या हुई. दक्षिणी शहर जनकपुर में भी रिपोर्टर उमा सिंह को मार दिया गया. सीजेपी का कहना है कि भारत भी इस सूची में 14 वें नंबर पर है जहाँ पत्रकारों की हत्या के सात अनसुलझे मामले हैं. इराक़, सिएरा लिओन और सोमालिया के नाम इस लिस्ट में दूसरे साल भी सबसे ऊपर हैं. |
इससे जुड़ी ख़बरें पत्रकार की हत्या के विरोध में प्रदर्शन19 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस स्वात में पाकिस्तानी पत्रकार की हत्या18 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस पत्रकारों के लिए असुरक्षित है भारत-पाक04 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस संपादक की हत्या पर राजनीति गर्माई14 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में प्रमुख संपादक की हत्या08 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में पत्रकार की 'हत्या'23 मई, 2008 | भारत और पड़ोस 'हत्या' की सीबीआई जाँच के आदेश01 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में संपादक की हत्या29 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||