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बुधवार, 14 जनवरी, 2009 को 13:44 GMT तक के समाचार
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'मोदी देश का नेतृत्व करने के योग्य'
उद्योगपतियों के साथ नरेंद्र मोदी
उद्योगपति नरेंद्र मोदी के प्रशासन की तारीफ़ करते रहे हैं

भारत के दो बड़े उद्योगपतियों अनिल अंबानी और सुनील मित्तल ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ करते हुए कहा है वे देश का नेतृत्व करने योग्य हैं.

दोनों उद्योगपतियों ने अहमदाबाद में आयोजित निवेशकों के सम्मेलन, 'वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट' में भाषण के दौरान ये बात कही.

हालांकि भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट किया है कि पार्टी की ओर से लालकृष्ण आडवाणी ही प्रधानमंत्री पद के सर्वसम्मत उम्मीदवार हैं और इसका एनडीए ने भी स्वागत किया है.

उद्योगपतियों के बयान पर संयत सी प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी ने कहा है, "इससे साबित होता है कि पार्टी में ऐसे बहुत से नेता हैं जिन्हें लोग प्रधानमंत्री पद के लिए पात्र समझने लगे हैं."

जब नरेंद्र मोदी ने पिछला विधानसभा चुनाव जीता था और तीसरी बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे, तभी से ये चर्चा शुरु हो गई थी कि पार्टी में उनका क़द अब काफ़ी बढ़ गया है.

'लंबी रेस का घोड़ा'

अनिल अंबानी के साथ मोदी
अनिल अंबानी के अनुसार उनके पिता भी मोदी को लंबी रेस का घोड़ा कहा करते थे

अनिल अंबानी ने कहा कि उनके पिता धीरुभाई अंबानी गुजराती में कहा करते थे, "मोदी लंबी रेस नू घोड़ो छे." यानी मोदी लंबी रेस के घोड़े हैं.

उन्होंने कहा, "यदि एक नरेंद्र मोदी गुजरात के लिए इतना कुछ कर सकते हैं तो भारत के लिए क्या कुछ संभव हो जाएगा यदि नरेंद्र मोदी देश के नेता के रुप में मिल जाएँ."

इसके बाद सुनील भारती मित्तल की बारी आई तो उन्होंने भी अनिल अंबानी की बात को आगे बढ़ाया.

उन्होंने कहा, "मैं कहना चाहूँगा कि अगर देश में कोई सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) है जो एक कंपनी नहीं, एक सेक्टर नहीं, एक प्रदेश नहीं, एक देश को चला सकता है तो वे नरेंद्र मोदी हैं."

अभी दो दिन पहले ही टाटा कंपनी के प्रमुख रतन टाटा ने कहा था कि कि नैनो परियोजना को गुजरात लाकर उन्होंने कोई मूर्खता नहीं की.

'आडवाणी सर्वमान्य नेता'

इन उद्योगपतियों के बयान ऐसे समय पर आए हैं जब भारतीय जनता पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता भैरोंसिंह शेखावत एक विद्रोही नेता के रुप में दिख रहे हैं.

उनके विद्रोह को लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व की सर्वमान्यता को चुनौती के रुप में भी देखा जा रहा है.

 इसका मतलब यह है कि भाजपा में ऐसे बहुत से नेता हैं, जिन्हें लोग प्रधानमंत्री पद के लिए पात्र समझने लगे हैं
प्रकाश जावड़ेकर, भाजपा प्रवक्ता

ऐसे में स्वाभाविक है कि नरेंद्र मोदी का नाम इस तरह सामने आने पर भी कयास लगाए जाएँ.

हालांकि भाजपा के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर मानते हैं कि लालकृष्ण आडवाणी को पार्टी में सभी लोगों ने एकराय से नेता चुना है और उनके ही नेतृत्व में चुनाव लड़े जाएँगे.

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, "आडवाणी सबसे वरिष्ठ नेता हैं. वे देश के पहले चुनाव से लेकर आने वाले पंद्रहवें चुनाव तक राजनीतिक परिदृश्य को देखते आ रहे हैं."

उनका कहना था, "वे एक संभले हुए व्यक्तित्व और नेता हैं और देश को ऐसे नेता की ज़रुरत है. इसलिए प्रधानमंत्री पद के लिए उनका नाम लिया गया है. एनडीए ने और सारे देश ने इसका स्वागत किया है."

 उद्योगपतियों के इस बयान से मोदी को कोई बड़ा राजनीतिक लाभ नहीं होगा क्योंकि ज़रुरी नहीं कि उद्योगपति अगर मोदी को प्रधानमंत्री पद के योग्य मानते हैं तो ज़रुरी नहीं कि पार्टी भी उन्हें इसी तरह से देखे
एमके वेणु, आर्थिक विशेषज्ञ

यह पूछे जाने पर कि नरेंद्र मोदी का नाम जिस तरह से उद्योगपतियों ने लिया है उसका क्या अर्थ लिया जाना चाहिए भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "इसका मतलब यह है कि भाजपा में ऐसे बहुत से नेता हैं, जिन्हें लोग प्रधानमंत्री पद के लिए पात्र समझने लगे हैं."

उन्होंने नरेंद्र मोदी की तारीफ़ करते हुए कहा, "हमें ख़ुशी है कि भाजपा के मुख्यमंत्री की इस तरह प्रशंसा की जा रही है. उन्होंने गुजरात को जिस तरह दिशा दी है उस पर हमें फ़ख़्र है."

उधर आर्थिक मामलों के जानकार एमके वेणु का कहना है कि मोदी कई साल से अपने आपको व्यावसायिक रुप से सबसे दोस्ताना मुख्यमंत्री के रुप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने गुजरात में बड़े उद्योगों को करों की बड़ी राहतें दी हैं.

उनका कहना है कि उद्योगपतियों के इस बयान का कोई राजनीतिक अर्थ नहीं देखना चाहिए.

एक तरह से भाजपा प्रवक्ता की प्रतिक्रिया की पुष्टि करते हुए उन्होंने कहा, "उद्योगपतियों के इस बयान से मोदी को कोई बड़ा राजनीतिक लाभ नहीं होगा क्योंकि ज़रुरी नहीं कि उद्योगपति अगर मोदी को प्रधानमंत्री पद के योग्य मानते हैं तो ज़रुरी नहीं कि पार्टी भी उन्हें इसी तरह से देखे."

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