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'मोदी का भाषण सुनना अनिवार्य' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य के छात्रों को संबोधित किया और राज्य के तमाम स्कूल कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री का भाषण ध्यान से सुनना अनिवार्य था. मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को शपथ भी दिलाई. इसके लिए सभी स्कूल-कॉलेजों में मुख्यमंत्री के संदेश की प्रतिलिपि बांटी गई. 'सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग' दूरदर्शन केंद्र गुजरात से मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया. कांग्रेस ने इसे सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग बताया. ज़िला शिक्षा अधिकारियों ने सभी माध्यमिक स्कूलों को आदेश जारी करके कहा कि टेलीविज़न की व्यवस्था की जाए और सुनिश्चित किया जाए कि सभी विद्यार्थी और शिक्षक मुख्यमंत्री का भाषण अनिवार्य रूप से सुनें. ज़िला शिक्षा अधिकारियों ने इसके लिए विशेष प्रबंध किए और प्रत्येक स्कूल-कॉलेज में केबल कनेक्शन की व्यवस्था की गई. मुख्यमंत्री के संदेश की प्रतिलिपि में भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एस राधाकृष्णन का कहीं उल्लेख तक नहीं किया था. भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एस राधाकृष्णन का जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है और पाँच सितंबर, 2008 को उनका 120वाँ जन्मदिवस था. | इससे जुड़ी ख़बरें 'तरकीबों, प्रचार के बावजूद पॉज़िटिव वोट'23 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफ़र23 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस अपना लोहा मनवाते नरेंद्र मोदी24 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार कुर्सी संभाली25 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस एक मुलाक़ात, गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ04 मई, 2008 | भारत और पड़ोस मोदी के बयान से कांग्रेस नाराज़11 जून, 2008 | भारत और पड़ोस पुलिस की पीठ ठोंकी मुख्यमंत्री मोदी ने01 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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