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मोदी के बयान से कांग्रेस नाराज़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर एक बार फिर कांग्रेस में तीखी प्रतिक्रिया हुई है. इस बार मुद्दा थोड़ा अलग सा है. मुख्यमंत्री मोदी ने इस बार राज्य से वसूले जाने वाले टैक्स और राज्य को दी जाने वाली केंद्रीय सहायता का मुद्दा उठाया है. समाचार एजेंसियों के अनुसार उन्होंने रविवार को वड़ोदरा में एक कार्यक्रम में यह सवाल उठाया. उन्होंने केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि यदि वह चाहे तो गुजरात को एक साल तक कोई पैसा न दे, लेकिन बदले में एक साल तक गुजरात में कोई टैक्स भी न वसूले. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार गुजरात से क़रीब 40 हज़ार करोड़ रुपए वसूलती है और बदले में जो आबंटन राज्य को किया जाता है वह केवल इसका 2.5 प्रतिशत होता है." तीखी प्रतिक्रिया इस पर सत्तारुढ़ यूपीए का नेतृत्व करने वाली कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "नरेंद्र मोदी का बयान भारत की परिकल्पना के ही ख़िलाफ़ है." उन्होंने कहा, "ऐसी कोई पद्धति नहीं है जिससे कि यह अनुमान लगाया जा सके कि किसी भी राज्य से कितना टैक्स वसूला जा रहा है." कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी को चुनौती देते हुए कहा है कि वह स्पष्ट करे कि क्या पार्टी अपने मुख्यमंत्री की बात का समर्थन करती है? लेकिन भारतीय जनता पार्टी अपने मुख्यमंत्री के बचाव में खड़ी हुई दिखती है. भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने कहा है कि नरेंद्र मोदी का बयान केंद्र की यूपीए सरकार का भाजपा शासित राज्यों के प्रति सौतेले रवैये व्यवहार को ज़ाहिर करता है. |
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