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'यूपीए सरकार जनसमर्थन खो चुकी है' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी की तीन दिनों तक चलने वाली महत्वपूर्ण बैठकों का दौर दिल्ली में शुरू हो गया है. पहले दिन राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हो रही है. अंतिम दो दिनों में राष्ट्रीय परिषद की बैठक होगी. कार्यकारिणी की बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को छोड़कर सभी वरिष्ठ नेता हिस्सा ले रहे हैं. कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने केंद्र में सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन पर कड़े प्रहार किए और उसे 'विभक्त प्रगतिहीन गठबंधन' का नमूना बताया. कई राज्यों में संप्रग के घटक दलों की हार का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार अब जनमत खो चुकी है. राजनाथ ने कहा कि भाजपा और एनडीए फिर से ताक़त जुटा रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि जीत का यह सिलसिला अगले आम चुनाव तक जाएगा. इस साल कई राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं और सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो आम चुनाव अगले साल समय पर ही होंगे. ऐसे मौके पर संभावना है कि इन बैठकों में चुनावी रणनीति का खाका खींचा जाएगा. 'महिला आरक्षण'
राष्ट्रीय परिषद की बैठक में पार्टी संविधान में परिवर्तन का प्रस्ताव भी रखा जाना है जिससे कि संगठन में 33 फ़ीसदी पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए जा सकें. इसके अलावा पार्टी की शीर्ष समिति लालकृष्ण आडवाणी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करने के फ़ैसले का अनुमोदन करेगी. भाजपा के इतिहास में शायद पहली बार होगा जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी इस तरह की महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा नहीं ले पाएँगे. पार्टी के लोगों का कहना है कि अस्वस्थ होने के कारण वे बैठक में शामिल नहीं होंगे. निशाने पर संप्रग पहले दिन संसदीय सौंध में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक हो रही है. इसके बाद राष्ट्रीय परिषद की बैठक रामलीला मैदान में होगी.
राष्ट्रीय परिषद की बैठक में शामिल होने के लिए देश भर से चार हज़ार से अधिक कार्यकर्ताओं के दिल्ली पहुँचने का सिलसिला शुरू हो गया है. अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कहा, "संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार में न तो कुछ प्रगति दिखाई पड़ रही है और न ही कुछ संयुक्त दिखाई पड़ रहा है. यह विभक्त प्रगतिहीन गठबंधन का नमूना बन कर रह गया है." सरकार को लेकर वामपंथी दलों के रवैए का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश की जनता और अपने सहयोगी दल दोनों का विश्वास खोया है. उन्होंने कहा, "तीन महीनों के चुनाव और राजनीतिक घटनाक्रम का संकेत देखें तो मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि यूपीए सरकार अब जनमत भी खो चुकी है." राजनाथ ने चरमपंथी घटनाओं को लेकर केंद्र पर ढ़िलाई के आरोप लगाए और "पोटा" जैसा क़ानून बनाने की माँग दोहराई. 'जारी रहेगी जीत'
पंजाब, उत्तराखंड, गुजरात और फिर हिमाचल प्रदेश में पार्टी की जीत ने भाजपा में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों में भी विजय हासिल करने का भरोसा भर दिया है. राजनाथ ने कहा कि भाजपा सिर्फ़ नई जगह ही नहीं जीतती है बल्कि जिन राज्यों में सरकार है, वहाँ उसे कायम भी रख पाती है. इस साल फरवरी में नगालैंड, मेघालय और त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव होने हैं. उसके बाद भाजपा शासित राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में भी चुनाव होने हैं. कांग्रेस शासित दिल्ली पर भी उसकी नज़र है. पार्टी के नेता कर्नाटक चुनाव में भी भाजपा के लिए जीत की बेहतर संभावना देख रहे हैं. पार्टी प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी की बातों से लगता है कि पिछले आम चुनाव में "इंडिया शाइनिंग" के नारे के साथ मैदान में उतरी भाजपा इस बार ज़मीनी मुद्दों पर चुनाव लड़ना चाहती है.
उन्होंने कहा, "भाजपा कई मुद्दे लेकर जनता के पास जाना चाहती है जिसमें किसानों की समस्याएँ हैं, आतंकवाद और आंतरिक सुरक्षा का मुद्दा है और तुष्टिकरण के नाम पर देश में विभाजन की स्थिति बना दी गई है." रूड़ी ने कहा, "महंगाई अकेला ऐसा मुद्दा है जिस पर यूपीए सरकार को जवाब देना मुश्किल पड़ सकता है." | इससे जुड़ी ख़बरें भाजपा में चुनावी रणनीति पर चर्चा26 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस 'कांग्रेस और भाजपा का विकल्प तैयार हो'20 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस महिलाओं को आरक्षण पर भाजपा बदली19 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस धूमल ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली30 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस हिमाचल में भाजपा को स्पष्ट बहुमत28 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार कुर्सी संभाली25 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस आडवाणी कैसे निभाएँगे नई ज़िम्मेदारी?15 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'कांग्रेस-भाजपा कुआँ और खाई की तरह'12 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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