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'कांग्रेस-भाजपा कुआँ और खाई की तरह' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव मानते हैं कि गुजरात में कांग्रेस और भाजपा कुआँ और खाई की तरह हैं. वे मानते हैं कि कांग्रेस तो एक बंबू पर तंबू की तरह है और वहाँ सोनिया गाँधी के अलावा किसी नेता का अस्तित्व ही नहीं है. और गुजरात की भाजपा के बारे में वे कहते हैं कि वह मोदी की पार्टी है और भाजपा से अलग है. गुजरात की 36 सीटों पर चुनाव लड़ रहे जनता दल के अध्यक्ष का कहना है कि वे गुजरात में भाजपा के साथ जाने की बजाय विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे, लेकिन इसके बारे में अंतिम फ़ैसला पार्टी ही करेगी. गुजरात में चुनाव प्रचार करने गए शरद यादव ने बीबीसी से हुई बातचीत में कहा कि जनता दल तो दरअसल गुजरात की नंबर एक पार्टी थी और चिमन भाई पटेल अगर पूरी पार्टी लेकर कांग्रेस में न चले गए होते तो स्थिति दूसरी होती. वे कहते हैं कि जनता दल की अभी भी गुजरात में बहुत इज़्ज़त है. मी़डिया और ख़ासकर प्रिंट मीडिया में जनता दल के बारे में ख़बरें न प्रकाशित करने को लेकर वे नाराज़ नज़र आते हैं. वे कहते हैं, “प्रिंट मीडिया दोनों पार्टियों से पैसे लेकर ख़बरें छाप रही है. वह व्यापार करने में लग गई है.” उनका तर्क है कि पिछली बार भी एनसीपी से लेकर समाजवादी पार्टी तक सबके बारे में चर्चा की गई थी लेकिन कांग्रेस और भाजपा के अलावा जिसने चुनाव जीता था वह जनता दल ही था. मोदी की भाजपा शरद यादव कहते हैं कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए की हिस्सा है और बिहार, उत्तरप्रदेश, झारखंड और कर्नाटक राज्यों में भाजपा का हिस्सा है लेकिन गुजरात में उनका भाजपा के साथ कोई संबंध नहीं है. वे कहते हैं, “यहाँ पार्टी भाजपा नहीं है, नरेंद्र मोदी की पार्टी है. यहाँ भाजपा का स्वरुप अलग है.” चर्चा है कि त्रिशंकु विधानसभा की संभावना को देखते हुए नरेंद्र मोदी जेडीयू पर डोरे डालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन शरद यादव कह रहे हैं कि वहाँ पार्टी मोदी के साथ नहीं जाना चाहेगी. हालांकि वे कहते हैं कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाते उन्हें अपनी राय नहीं देनी चाहिए और इस मसले पर पार्टी विचार करेगी. ‘एक बंबू पर तंबू’ कांग्रेस का ख़ुला विरोध करने वाले जेडीयू नेता शरद यादव कहते हैं कि यह कहना सही नहीं होगा कि नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ कांग्रेस ने सोनिया गाँधी को उतार दिया है. वे कहते हैं, “सोनिया गाँधी किस राज्य में नहीं जातीं, छोटे से छोटे सूबे में वे चुनाव प्रचार करने जाती हैं, गुजरात में नया तो कुछ नहीं हुआ है.” शरद यादव कहते हैं, “कांग्रेस तो एक बंबू पर टिका हुआ तंबू है. कांग्रेस नेहरू ख़ानदान पर टिकी हुई है और सोनिया गाँधी को इसका नेतृत्व विरासत में मिला है.” वे कहते हैं कि कांग्रेस में तो किसी और व्यक्ति की सभा हो भी नहीं सकती. जेडीयू नेता का कहना है कि उनके लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों एक ही तरह की पार्टियाँ हैं. जैसा कि वे कहते हैं, “एक कुआँ है तो दूसरी खाई.” वे कहते हैं कि जनता दल लोगों से कह रहा है कि वे अपना वोट उसे ही दें जो यह सुनिश्चित करे कि धर्म के आधार पर उन्हें कोई नुक़सान नहीं पहुँचाया जाएगा. |
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