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ताज होटल में चरमपंथियों से मुठभेड़ जारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई के ताज होटल में अभी भी कुछ चरमपंथी हैं और वहाँ से अभी भी रुक-रुककर धमाकों और गोलीबारी की आवाज़ें आ रही हैं. सुरक्षाअधिकारी यह ठीक-ठीक नहीं बता नहीं पा रहे हैं कि ताज होटल के भीतर कितने चरमपंथी हो सकते हैं लेकिन उनका अनुमान हैं कि चरमपंथियों की संख्या तीन या उससे अधिक हो सकती है. मुठभेड़ के बीच सुरक्षाकर्मियों का नया दस्ता ताज होटल के भीतर दाखिल हुआ है और बाहर भी सेना के जवान घात लगाए बैठे हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के कमांडो और सुरक्षाकर्मियों ने होटल ओबरॉय-ट्राइडेंट होटल और नरीमन हाउस के बारे में दावा किया है कि इन्हें चरमपंथियों से मुक्त करवा लिया गया है और वहाँ से सभी बंधकों और फँसे हुए लोगों को छुड़वा लिया गया है.
शुक्रवार को हुई इस कार्रवाई में कुल मिलाकर पाँच चरमपंथियों, एनएसजी के दो जवानों की मौत हुई है और एनएसजी के दो कमांडो घायल हुए हैं. एनएसजी के महानिदेशक जेके दत्त के अनुसार होटल ओबरॉय-ट्राइडेंट में 30 नागरिक मारे गए हैं जबकि नरीमन हाउस में पाँच लोगों को चरमपंथियों ने मार दिया है. उनके अनुसार ऑबरॉय-ट्राइडेंट से 93 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. इसमें बहुत से विदेशी नागरिक थे. इन लोगों को सीधे विमानतल पहुँचा दिया गया है. बुधवार, 26 नवंबर की रात से शुरु हुए चरमपंथी हमलों में अब तक 160 से अधिक लोग मारे गए हैं जबकि 370 से अधिक लोग घायल हुए हैं. मारे गए लोगों में सुरक्षाकर्मी और विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. कार्रवाई हालांकि एनएसजी के महानिदेशक जेके दत्त ने गुरुवार को देर रात कहा था कि 'ताज में कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है' और वहाँ सिर्फ़ एक चरमपंथी है जो घायल है.
लेकिन शुक्रवार को सुबह से वहाँ से गोलीबारी रुक-रुककर होती रही है और रात को एनएसजी ने चरमपंथियों के ख़िलाफ़ नए सिरे से कार्रवाई शुरु की है. आधी रात को मीडिया को एनएसजी महानिदेशक ने जानकारी दी है कि ताज होटल के भीतर अभी भी दो या तीन आतंकवादी हो सकते हैं. उन्होंने इस बात से इनकार नहीं किया है कि चरमपंथियों की संख्या इससे अधिक भी हो सकती है. एनएसजी के जवानों की अब तक की कार्रवाई की तारीफ़ करते हुए उन्होंने कहा कि ताज के भीतर उन्होंने पोज़ीशन ले ली है. रात को एनएसजी और सेना के जवानों की और टुकड़ियों को ताज के भीतर प्रवेश किया है. रात भर ताज होटल से रुक-रुककर धमाकों की आवाज़ें आती रहीं. बाहर से भी सेना के जवान होटल पर गोलियाँ चलाते रहे. 'ऑबरॉय मुक्त' ओबेरॉय-ट्राइडेंट होटल से बंधकों को आख़िरकार शुक्रवार को दोपहर बाद बाहर निकाल लिया गया लेकिन इसके लिए दो दिन से कार्रवाई में लगे सेना और एनएसजी के जवानों ने शुक्रवार को गज़ब की तेज़ी दिखाई. ओबेरॉय होटल में गोलियों की आवाज़ें दिन में कम हुई तो धीरे धीरे बंधक बाहर आने लगे. बड़ी संख्या में कारों में और बाद में बसों में भर कर बंधकों को बाहर निकाला गया. इनमें भारतीय और विदेशी नागरिक थे. होटल के अनुसार 93 लोगों को बाहर निकाला गया. कुछ ही देर बाद राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के प्रमुख ने प्रेस को बताया कि ट्राईडेंट रेस्तरां और ओबेराय होटल उनके नियंत्रण में है. ऑबरॉय में हुई कार्रवाई के दौरान एनएसजी का एक कमांडो मारा गया है. जबकि यहाँ दो चरमपंथियों के मारे जाने की बात एनएसजी ने कही है. बीबीसी संवाददाता सुशील झा के अनुसार ऑबरॉय-ट्राइडेंट को अभी भी बंद करके रखा गया है और मीडिया को भी वहाँ जाने नहीं दिया जा रहा है. नरीमन हाउस में कमांडो
नरीमन हाउस की तंग गलियों में शुक्रवार को सुबह कोई सात बजे हेलीकॉप्टर से एनएसजी के जवान उतरने लगे तो लगा कि चरमपंथियों के ख़िलाफ आखिरी लड़ाई का आगाज़ हो गया है. पूरे देश ने देखा कि एक के बाद एक एनएसजी के जवान नरीमन हाउस की छत पर उतरे और फिर धीरे-धीरे नीचे उतरने लगे. लकिन जल्दी ही टेलीविज़न कैमरों को बंद करवा दिया गया. जब कार्रवाई शुरु हुई तो धमाके और गोलीबारी के बीच पूरी गली में धुआं भर गया और पुलिस ने लोगों को दूर रहने के लिए कहा. देर शाम तक नरीमन हाउस में रुक रुक कर गोलियाँ चलती रहीं. शाम कोई साढ़ छह बजे कमांडो कार्रवाई पूरी करके बाहर आ गए थे और उन्होंने कहा था कि दो चरमपंथियों को मार गिराया गया है लेकिन फिर वहाँ धमाके की आवाज़ हुई और फिर कमांडो ने जाकर एक और चरमपंथी को मारा. इस कार्रवाई के बीच चरमपंथियों ने पाँच बंधकों को मार दिया था जो यहूदी थे. इस पूरी कार्रवाई में एनएसजी का एक कमांडो मारा गया जबकि दो घायल हो गए. अफ़वाहें बीबीसी संवाददाता के अनुसार नरीमन हाउस में चल रही कार्रवाई के बीच ख़बर आई कि थोड़ी दूर वीटी टर्मिनल के पास गोलीबारी हुई है लेकिन वहाँ पहुँचने पर पता चला कि ये बस अफ़वाह थी. एंबुलेस सेवा से जुडे अधिकारियोंआ ने बिल्कुल स्पष्ट कर दिया कि उनके पास पांच स्थानों से गोलीबारी की सूचना आई थी लेकिन इन सभी स्थानों पर कुछ भी नहीं है और ये अफ़वाह है. हालांकि इस अफ़वाह के बाद कोलाबा और आसपास के सभी प्रतिष्ठान और कार्यालय बंद कर दिए गए और लोगों को वापस घर जाने के लिए कहा गया. इसके बाद चर्चगेट और अन्य स्टेशनों पर भीडभाड़ थी और लोगों ने बताया कि उनके कार्यालयों में पुलिस ने फोन कर के कार्यालय बंद करने के लिए कहा था. शुक्रवार को तीन स्थानों पर चल रहे मुठभेड़ के बावजूद कई लोग अपने दफ़्तरों में पहुंचे थे लेकिन अब एक बार फिर मुंबई की सड़कें सूनी दिखती रहीं. |
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