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सरकार पर असर नहीं: मनमोहन सिंह | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वामपंथी दलों के समर्थन वापसी की घोषणा पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जापान में कहा कि इससे उनकी सरकार की स्थिरता पर कोई असर नहीं पड़ेगा. प्रधानमंत्री के साथ गए वरिष्ठ पत्रकार शशिशेखर ने बताया कि मनमोहन सिंह ने ये संक्षिप्त जवाब एक विदेशी पत्रकार के सवाल के जवाब में दिया. प्रधानमंत्री का कहना था कि उनकी सरकार को कोई ख़तरा नहीं है. इसके पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने घोषणा की थी कि केंद्र सरकार जल्द ही परमाणु क़रार के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी आईएईए के पास जाएगी. उन्होंने उस दौरान भी कहा था कि इस मुद्दे पर सरकार को किसी भी तरह का ख़तरा नहीं है और वामदलों के समर्थन वापस लेने की स्थिति में अगर बहुमत साबित करने की ज़रूरत पड़ी तो सरकार के ये कर दिखाएगी. 'शोक के वक्त घोषणा' इधर दिल्ली में कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख वीरप्पा मोइली ने कहा,'' जब पूरा देश काबुल धमाकों में मारे गए लोगों के कारण शोक संतप्त था, ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि उस वक्त वामपंथी दलों ने समर्थन वापस लेने की घोषणा की.'' कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी का कहना था कि सरकार संसद में अपना बहुमत साबित कर देगी. नए समर्थकों के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यूपीए एकजुट है और सरकार स्थिर है. मनमोहन सिंह के आईएईए में जाने संबंधी बयान के बारे में उनका कहना था कि प्रधानमंत्री ने ऐसा कुछ नहीं कहा जिसे हम पिछले साढ़े चार साल से न कहते आ रहे हों. प्रधानमंत्री ने अपने बयान में कहा था कि भारत अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी आईएईए में जाएगा. इसके बाद वामपंथी पार्टियों ने समर्थन वापसी का फ़ैसला किया. मनीष तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो कहा उसमें हमारे रुख़ से अलग कुछ भी नहीं है. |
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