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कलाम ने कहा, समझौता देशहित में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
समाजवादी पार्टी के नेताओं मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह से पूर्व राष्ट्रपति और परमाणु वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा है कि अमरीका के साथ भारत का असैन्य परमाणु समझौता देशहित में है. पूर्व राष्ट्रपति से मिलने के बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने यह बात पत्रकारों को बताई. समाजवादी पार्टी के नेता परमाणु समझौते पर अपनी राय बनाने के लिए अब्दुल कलाम से सलाह लेने पहुँचे थे. समाजवादी पार्टी तीसरे मोर्चे यानी यूनाइटेड नेशनल प्रोग्रेसिव एलायंस (यूएनपीए) का प्रमुख घटक दल है और गुरुवार को यूएनपीए की बैठक के बाद उसने घोषणा की है कि जब तक केंद्र सरकार इस मुद्दे पर राष्ट्रीय बहस नहीं कराती तब तक उसे इस मसले पर यूएनपीए का समर्थन नहीं मिलेगा. माना जा रहा है कि वामपंथियों के सरकार से समर्थन वापसी की सूरत में यूएनपीए का समर्थन यूपीए सरकार को मिल सकता है. 'देशहित में' कलाम से मुलाक़ात के बाद मुलायम सिंह ने पत्रकारों को बताया कि पूर्व राष्ट्रपति ने कहा है कि परमाणु समझौता देश हित में है और इसे राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए.
एक घंटे की मुलाक़ात के बाद मुलायम सिंह ने कहा, "कलाम एक जानेमाने और सम्मानित वैज्ञानिक हैं और वे भारत में परमाणु तकनीक के जनक हैं, हम उनसे हुई बातचीत का ब्यौरा यूएनपीए के नेताओं के सामने रखेंगे." हालांकि यह पहली बार नहीं है जब पूर्व राष्ट्रपति कलाम ने अमरीका के साथ परमाणु समझौते को देश हित में बताया है. इससे पहले भी वे कह चुके हैं कि भारत को इस परमाणु समझौते को लागू करना चाहिए क्योंकि इससे देश के परमाणु कार्यक्रम को मदद मिलेगी. पूर्व राष्ट्रपति कलाम ने भारत-अमरीका परमाणु समझौते की वकालत करते हुए कहा था कि इससे देश की संप्रभुता से कोई समझौता नहीं होगा. कलाम ने कहा था, "हमें इस समझौते पर आगे बढ़ना चाहिए. किसी भी समय अगर हमें ऐसा लगेगा कि इससे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता हो रहा है तो हम कभी भी इससे अलग हो सकते हैं." जानकार लोगों का मानना है कि समाजवादी पार्टी के नेता परमाणु समझौते पर यूपीए सरकार को समर्थन देने से पहले यह जताना चाहते हैं कि उन्होंने समर्थन की घोषणा से पहले सभी तरह से इस समझौते को परख लिया था. |
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