BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 05 जुलाई, 2008 को 08:45 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'बुश से ज़्यादा ख़तरनाक हैं आडवाणी'
अमर सिंह
अमर सिंह ने कहा कि सरकार को बहुमत है या नहीं ये सदन में साबित होगा
समाजवादी पार्टी (सपा) के महासचिव अमर सिंह ने अमरीका के साथ प्रस्तावित परमाणु क़रार पर यूपीए सरकार को समर्थन देने के स्पष्ट संकेत दिए हैं.

उन्होंने शनिवार को नई दिल्ली में पत्रकारों से स्पष्ट कहा, "परमाणु समझौता राष्ट्रहित में है. इस मुद्दे पर सरकार का समर्थन कर हम सोनिया गांधी या मनमोहन सिंह पर कोई एहसान नहीं कर रहे हैं."

सपा नेता ने कहा, "अभी की स्थिति में जॉर्ज बुश से बड़ा ख़तरा आडवाणी हैं और हम ये स्थिति पैदा नहीं होने देना चाहते."

 अभी की स्थिति में जॉर्ज बुश से बड़ा ख़तरा आडवाणी हैं और हम ये स्थिति पैदा नहीं होने देना चाहते
अमर सिंह

कांग्रेस के साथ चुनावी गठबंधन की संभावना पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनकी पार्टी सांप्रदायिक ताकतों के ख़िलाफ़ किसी भी हद तक जा सकती है.

उनका कहना था, "अगर संसद में परमाणु डील के मुद्दे पर विश्वास मत पेश होता है तो उस पर मतदान सांप्रदायिक बनाम ग़ैर सांप्रदायिक के आधार पर होना चाहिए."

'बुश से बड़ा ख़तरा आडवाणी'

जब उनसे पूछा गया कि क्या परमाणु क़रार पर संयुक्त राष्ट्रीय प्रगतिशील गठबंध (यूएनपीए) में दरार पैदा हो गया है तो उन्होंने यूनपीए के घटक दलों को आड़े हाथों लिया.

सपा नेता का कहना था, "असम गण परिषद और टीडीपी के चंद्रबाबू नायडू ख़ुद वामपंथियों के साथ चुनाव लड़ चुके हैं जिनके समर्थन से यूपीए सरकार बनी और अभी तक चल रही है. लेकिन अब अगर हम कांग्रेस से बात भी करते हैं तो उन्हें आपत्ति है. ये उनके दोहरे मानदंड को दर्शाता है."

 परमाणु समझौता राष्ट्रहित में है. इस मुद्दे पर सरकार का समर्थन कर हम सोनिया गांधी या मनमोहन सिंह पर कोई एहसान नहीं कर रहे हैं
अमर सिंह

उन्होंने कहा, "दूसरे दल राजनीति में हमेशा अपना पाला बदलते रहते हैं लेकिन हमने कभी सांप्रदायिक ताकतों का साथ नहीं दिया और न देंगे और अभी बुश से बड़ा ख़तरा सांप्रदायिकता है."

सौदे से इनकार

सपा महासचिव ने उन रिपोर्टों का खंडन किया कि उनकी पार्टी यूपीए सरकार को समर्थन देने के बदले में सौदा कर रही है.

 न हम कोई मंत्रालय माँग रहे हैं और ना ही अपने ख़िलाफ़ उन कथित मामलों को दबाने की बात कर रहे हैं जिनका ज़िक्र मीडिया में हुआ है. मेरे ख़िलाफ़ कोई मुक़दमा नहीं है

उनका कहना था, "न हम कोई मंत्रालय माँग रहे हैं और ना ही अपने ख़िलाफ़ उन कथित मामलों को दबाने की बात कर रहे हैं जिनका ज़िक्र मीडिया में हुआ है. मेरे ख़िलाफ़ कोई मुक़दमा नहीं है."

अमर सिंह ने कहा, "हमने परमाणु समझौते पर प्रधानमंत्री से कुछ सवाल पूछे थे जिसका जवाब कुछ ही घंटों में मिल गया. राष्ट्रपति रह चुके महान वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम भी इसे राष्ट्रहित में बचा चुके हैं. तो अब बचा क्या है?"

कांग्रेस'हमें कोई ख़तरा नहीं'
कांग्रेस ने कहा कि वामदल समर्थन वापस ले भी लें तो यूपीए को कोई ख़तरा नहीं.
निंदनीय विचार
परमाणु करार को धर्म और संप्रदाय से जोड़ने की कोशिश निंदनीय है.
जॉर्ज बुश और मनमोहन सिंहपरमाणु करार का सफ़र
तारीख़ों के आईने में भारत-अमरीका असैन्य परमाणु समझौता...
इससे जुड़ी ख़बरें
सपा ने दिया करार को 'समर्थन'
04 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस
सरकार को सात जुलाई तक का समय
04 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस
विश्वासमत का विरोध करेंगे: कारत
04 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस
कलाम ने कहा, समझौता देशहित में
03 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>