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शनिवार, 05 जुलाई, 2008 को 11:48 GMT तक के समाचार
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यूएनपीए की एकजुटता पर सवाल खड़े हुए
ओमप्रकाश चौटाला
ओमप्रकाश चौटाला का कहना है कि अमेरिका के साथ परमाणु क़रार देशहित में नहीं है
परमाणु क़रार पर कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार को समर्थन देने के मसले पर उभरे तीख़े मतभेदों से यूएनपीए की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं.

यूनाइटेड नेशनल प्रोग्रेसिव अलायंस (यूएनपीए) के घटक दल समाजवादी पार्टी (सपा) ने भारत-अमरीका परमाणु क़रार पर यूपीए सरकार का समर्थन करने का शनिवार को स्पष्ट संकेत दे दिया.

लेकिन गठबंधन के दूसरे घटक दलों इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) और असम गण परिषद (एजीपी) ने सपा के इस फ़ैसले से किनारा करने में जरा भी देर नहीं की है.

इनेलो के प्रमुख और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "कांग्रेस ने पहले भी उनका (सपा) अपमान किया है....अब लगातार तीसरी बार वे बेइज़्ज़त होना चाहते हैं."

'क़रार हित में नहीं'

चौटाला ने कहा कि उनकी पार्टी परमाणु समझौते का तीख़ा विरोध करती है. उन्हें चिंता है कि इस समझौते के बाद 'देश अमरीका का ग़ुलाम हो जाएगा.'

 कांग्रेस ने पहले भी उनका (सपा) अपमान किया है....अब लगातार तीसरी बार वे बेइज़्ज़त होना चाहते हैं
ओमप्रकाश चौटाला

उन्होंने कहा, "यूपीए जब सत्ता में आई, तब भी बेइज़्ज़त होने के बावजूद इन लोगों (सपा) ने उनका समर्थन किया. इसके अलावा वे उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के समर्थन से ही सरकार चला रहे थे."

चौटाला ने कहा, "कांग्रेस ने पहले भी उनका अपमान किया है और फिर उन्हें बेइज़्ज़त करेगी."

एजीपी भी विरोध में

इस बीच, परमाणु क़रार पर कांग्रेस का साथ देने के सपा के संकेत पर असम गण परिषद (एजीपी) ने भी तीख़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

एजीपी ने कहा है कि यूएनपीए के सभी घटक दल सामूहिक तौर पर ये फ़ैसला लेंगे कि मुलायम सिंह के नेतृत्व वाली पार्टी सपा को यूएनपीए में रखा जाए कि नहीं.

ग़ौरतलब है कि यूएनपीए ने तीन जुलाई की बैठक में तय किया था कि परमाणु क़रार पर सरकार के समर्थन पर कोई फ़ैसला लेने से पहले वे इस मसले पर विशेषज्ञों की राय लेंगे.

लेकिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के साथ बैठक के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने यह कहते हुए अपना रुख़ बदलने का संकेत दिया था कि क़रार राष्ट्रहित में है.

कांग्रेस'हमें कोई ख़तरा नहीं'
कांग्रेस ने कहा कि वामदल समर्थन वापस ले भी लें तो यूपीए को कोई ख़तरा नहीं.
निंदनीय विचार
परमाणु करार को धर्म और संप्रदाय से जोड़ने की कोशिश निंदनीय है.
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