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बैंसला के ख़िलाफ़ आपराधिक मामले | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राजस्थान में गूजर आंदोलन के दौरान 23 मई को हुई हिंसा में एक सिपाही की मौत का ज़िम्मेदार गूजर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला को मानते हुए पुलिस ने उनके विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज किया है. पुलिस ने बैसला के ख़िलाफ़ बयाना थाने में हिंसा और राजद्रोह का मामला भी दर्ज किया है. उधर राजस्थान हाईकोर्ट ने गूजर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला और 12 अन्य लोगों के ख़िलाफ़ अदालत की अवमानना का नोटिस जारी किया है. पिछली बार गूजर आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के दौरान राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था. सरकार ने अदालत से कहा था कि वह गूजर नेताओं को निर्देश दे कि बिना ज़िला प्रशासन की अनुमति के सभा-प्रदर्शन न किया जाए. हाईकोर्ट ने इस संबंध में गूजर नेताओं को निर्देश दिए थे. राजस्थान सरकार ने गूजरों के फिर आंदोलन छेड़ने को हाईकोर्ट के निर्देशों को उल्लंघन बताते हुए अदालत से इसमें हस्तक्षेप की अपील की थी. सरकार ने कहा कि गूजर नेताओं ने ज़िला प्रशासन की अनुमति के बिना सभा आयोजित की, रास्ते रोके और शांति भंग की और अदालत के निर्देशों की अवमानना की. अदालत ने भरतपुर के ज़िला प्रशासन को आदेश दिया है कि गूजर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला को अवमानना नोटिस पहुँचाया जाए और उसकी तामील कराई जाए. मामला दर्ज दूसरी ओर गूजर आंदोलनकारियों ने मंगलवार को झालावाड़, बांसवाड़ा, अजमेर, नागौर, भीलवाड़ा और कोटा इलाक़ों में बंद का आहवान किया. राजस्थान के टोंक ज़िले और दिल्ली-जयपुर राजमार्ग पर कोटपुतली के पास मंगलवार को पुलिस और आंदोलनकारियों की भिड़ंत हुई. पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी और लाठी चार्ज किया जिसमें क़रीब 12 लोग घायल हो गए हैं.
इधर पुलिस ने भरतपुर ज़िले में 38 गूजरों को भी गिरफ्तार किया है. भरतपुर के पुलिस अधीक्षक रोहित पुरोहित ने बीबीसी को बताया की बैंसला के ख़िलाफ़ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. बैंसला के अलावा पुलिस ने डकैती के मामलों में अभियुक्त जगन गूजर के विरुद्ध भी मामला दर्ज किया है. कथित दस्यु सरगना जगन गत दिनों गूजरों के विरोध-प्रदर्शन में हथियारों के साथ दिखाई दिया था. गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा है कि आंदोलन पर आपराधिक तत्व हावी हो गए है. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी रविवार को कहा था कि अपराधों मे लिप्त कई चेहरे इस आंदोलन के मंचों पर देखे गए हैं. केंद्र को पत्र पिछले वर्ष 29 मई को दौसा ज़िले में गूजर आरक्षण को लेकर हुए आंदोलन में हिंसा हुई थी जिसकी बरसी को देखते हुए सेना की तीन और टुकड़ियों को राजस्थान भेजा गया है. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी पत्र लिखा है और उनसे अनुरोध किया है कि गूजर आंदोलन का मुद्दा अब कई राज्यों को प्रभावित कर रहा है इसलिए वो राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाएँ और समाधान निकालें.
राजस्थान सरकार ने केंद्र से सिफ़ारिश की है कि वह गूजरों के लिए जनजाति आरक्षण से अलग चार से छह प्रतिशत गैर अधिसूचित कोटे से आरक्षण की व्यवस्था करे. ग़ौरतलब है कि राजस्थान सरकार पहले भी सरकार केंद्र से यह आग्रह कर चुकी है. भाजपा के विधायक और गुजर नेता हरज्ञान सिंह गूजर ने सरकार से इस समस्या का जल्दी कोई समाधान निकालने की अपील की है. उनका कहना है कि उन पर गूजर समुदाय का दबाव बढ़ रहा है. सरकार का कहना है कि राजस्थान में चल रहे गूजर आंदोलन में मारे गए लोगों की संख्या 37 हो गई है और लगभग 50 लोग घायल हैं. आंदोलनकारियों ने सोमवार को जगह-जगह रेल और सड़क मार्ग जाम किया. गूजरों ने सोमवार को उदयपुर-अहमदाबाद और झालावाड़-इंदौर मार्ग को निशाना बनाया. दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पहले से ही आंदोलन की चपेट में है. रविवार की रात आगरा-बाँदीकुई रेलमार्ग भी बाधित हुआ. |
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