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शनिवार, 24 मई, 2008 को 18:02 GMT तक के समाचार
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गूजरों को वार्ता के लिए बुलावा

गूजर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला
किरोड़ी सिंह बैंसला को राज्य सरकार ने फ़ैक्स से वार्ता का निमंत्रण भेजा है
राजस्थान में अपनी बिरादरी को जनजाति का दर्जा दिए जाने की माँग को लेकर आंदोलन कर रहे गूजरों को राजस्थान सरकार ने वार्ता का निमंत्रण भेजा है.

राज्य के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने शनिवार को देर शाम बताया कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने गूजरों के नेता किरोड़ी सिंह बैंसला को रविवार की सुबह वार्ता के लिए बुलवाया है.

गूजरों की ओर से इस निमंत्रण पर फ़िलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है और उनका आंदोलन जारी है.

गूजरों के उग्र आरक्षण को दो दिन हो चुके हैं और इस बीच पुलिस फ़ायरिंग में मारे जाने वालों की संख्या 31 तक जा पहुँची है.

शुक्रवार को हुई फ़ायरिंग में 16 लोगों की मौत हुई थी. इसके बाद शनिवार को भी राज्य में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फ़ायरिंग हुई है.

पुलिस के मुताबिक फ़ायरिंग की ताज़ा घटना जयपुर-आगरा राजमार्ग पर दौसा ज़िले के सिकंदरा में हुई, जिसमें 15 लोग मारे गए हैं और कम से कम 15 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं.

इस बीच सरकार ने राज्य में सेना की तैनाती शुरु कर दी है. राज्य सरकार का कहना है कि सेना की 15 टुकड़ियाँ राज्य में पहुँच चुकी हैं.

राज्य सरकार ने केंद्र से और अर्ध सैनिक बलों की भी माँग की है.

हिंसक आंदोलन

शनिवार को भी आंदोलनकारियों के तेवर तीखे रहे और उन्होंने जगह-जगह रेल यातायात रोका और सड़कें जाम कर दीं.

गूजरों के शव
गूजरों ने अपने साथियों का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है

आंदोलनकारियों ने पुलिस फ़ायरिंग में मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है और उन्हें अपने साथ ही रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि शनिवार को मारे गए 15 लोगों में से 12 के शव शाम तक आंदोलनकारियों के पास ही थे.

बयाना में लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी रेल लाइन को आंदोलनकारियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया.

इसके कारण दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर तीस रेलगाड़ियों के परिचालन में बाधा आई है. साथ ही दिल्ली और अन्य स्थानों के लिए जाने वाली चार सौ बसों का परिचालन भी बाधित हो गया.

शनिवार को जयपुर-आगरा राजमार्ग में दौसा ज़िले के सिकंदरा में गूजरों ने यातायात को रोक रखा था और फ़ायरिंग से पहले पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें भी हुईं.

राज्य में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पहले से ही दो जगहों पर सेना तैनात की जा चुकी है.

पुलिस के अनुसार शुक्रवार को बयाना में गूजरों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस फ़ायरिंग में मरने वालों की संख्या सोलह है. इस घटना में बीस लोग घायल हुए थे.

जो लोग शुक्रवार की पुलिस फ़ायरिंग में मारे गए, उनमें 15 आम नागरिक थे और एक पुलिसकर्मी था. राज्य सरकार पुलिस फ़ायरिंग की न्यायिक जाँच करवाने की घोषणा कर चुकी है.

गूजरों की माँग है कि उन्हें अनुसूचिज जनजाति का दर्जा दिया जाए ताकि वे आरक्षण का फ़ायदा उठा पाएँ हालाँकि उन्हें पहले से ही पिछड़ा वर्ग में आरक्षण प्राप्त है.

सुरक्षा के इंतज़ाम

राजस्थान के पुलिस महानिदेशक अमरजीत सिंह गिल ने शनिवार को राज्य के कई हिस्सों का हवाई सर्वे किया.

वसुंधरा राजे सिंधिया
गूजर चाहते हैं कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया आरक्षण देने का अपना वादा पूरा करें

उन्होंने बताया है कि भरतपुर ज़िले के बयाना और करौली के हिंडोन में सेना की दो टुकड़ियाँ तैनात कर दी गई हैं.

अब तक राज्य में सेना की 15 टुकड़ियाँ पहुँच चुकी हैं और दो और पहुँचने वाली हैं.

राज्य सरकार ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों की 42 कंपनियाँ तैनात की हैं.

राज्य प्रशासन ने किसी भी व्यक्ति के हथियार के साथ चलने पर पाबंदी लगा दी है साथ ही राजधानी जयपुर में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है.

आरक्षण की माँग

गूजरों के आंदोलन का ज़्यादा प्रभाव पूर्वी राजस्थान में है और आरक्षण की माँग पर गूजरों ने पिछले साल यानी वर्ष 2007 में उग्र आंदोलन किया था.

तब 29 मई से चार जून के बीच कई बार आंदोलन ने हिंसक रूप अख़्तियार कर लिया और कुल 26 लोग मारे थे.

राज्य सरकार और गूजर प्रतिनिधियों के बीच समझौते के तहत आरक्षण की माँग पर विचार के लिए चोपड़ा आयोग का गठन किया गया.

इस आयोग ने अपनी रिपोर्ट भी पेश कर दी लेकिन इसमें आरक्षण के बारे में स्पष्ट तौर पर कोई ज़िक्र नहीं किया गया.

अब गूजरों का कहना है कि उन्हें चोपड़ा आयोग से कोई मतलब नहीं है और वे चाहते हैं कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया अपने वादे के मुताबिक कार्यकाल ख़त्म होने से पहले आरक्षण देने की सिफ़ारिश केंद्र सरकार से करें.

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