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गूजरों पर फिर फ़ायरिंग, 31 की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राजस्थान में अपनी बिरादरी को जनजाति का दर्जा दिए जाने की माँग को लेकर गूजरों का उग्र आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा. शुक्रवार के बाद शनिवार को भी राज्य में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फ़ायरिंग हुई है. पुलिस के मुताबिक फ़ायरिंग की ताज़ा घटना जयपुर-आगरा राजमार्ग पर दौसा ज़िले के सिकंदरा में हुई. राज्य सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया है कि इस घटना में 15 लोग मारे गए हैं और कम से कम 15 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं. इस तरह शुक्रवार से भड़के गूजर आंदोलन में मारे जाने वालों की संख्या 31 हो गई है. जयपुर-आगरा राजमार्ग में दौसा ज़िले के सिकंदरा में गूजरों ने यातायात को रोक रखा था और फ़ायरिंग से पहले पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें भी हुई हैं. राज्य में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पहले से ही दो जगहों पर सेना तैनात की जा चुकी है. पुलिस के अनुसार शुक्रवार को बयाना में गूजरों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस फ़ायरिंग में मरने वालों की संख्या सोलह है. इस घटना में बीस लोग घायल हुए थे. जो लोग शुक्रवार की पुलिस फ़ायरिंग में मारे गए, उनमें 15 आम नागरिक थे और एक पुलिसकर्मी था. राज्य सरकार पुलिस फ़ायरिंग की न्यायिक जाँच करवाने की घोषणा कर चुकी है. गूजरों की माँग है कि उन्हें अनुसूचिज जनजाति का दर्जा दिया जाए ताकि वे आरक्षण का फ़ायदा उठा पाएँ हालाँकि उन्हें पहले से ही पिछड़ा वर्ग में आरक्षण प्राप्त है.
गूजरों ने झालावाड़ और कोटा में शनिवार को चक्का जाम करने की घोषणा की है, वहीं भीलवाड़ा में बंद का आह्वान किया गया है. सुरक्षा के बीच प्रदर्शन राजस्थान के पुलिस महानिदेशक अमरजीत सिंह गिल ने राज्य के कई हिस्सों का हवाई सर्वे किया है. उन्होंने बताया है कि भरतपुर ज़िले के बयाना और करौली के हिंडोन में सेना के दो कॉलम तैनात कर दिए गए हैं और आठ कॉलम को सतर्क रखा गया है. साथ ही पुलिस और अर्धसैनिक बलों की 42 कंपनियाँ तैनात की गई हैं. राज्य प्रशासन ने किसी भी व्यक्ति के हथियार के साथ चलने पर पाबंदी लगा दी है. राजधानी जयपुर में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. एक ओर जहाँ भारतीय जनता पार्टी ने गोपीनाथ मुंडे को राजस्थान भेजा है और वे मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से चर्चा कर रहे हैं वहीं कांग्रेस ने 26 मई को ज़िला मुख्यालयों में प्रदर्शन करने की बात कही है. रेल यातायात बाधित पुलिस महानिदेशक ख़ुद भरतपुर का दौरा कर रहे हैं. वहाँ बयाना में लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी रेल लाइन को आंदोलनकारियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया है. इसके कारण दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर तीस रेलगाड़ियों के परिचालन में बाधा आई है. साथ ही दिल्ली और अन्य स्थानों के लिए जाने वाली चार सौ बसों का परिचालन भी बाधित हो गया है. शुक्रवार की रात गूजरों ने बूंदी में राज्य के संसदीय सचिव भवानी सिंह राजावत की गाड़ी रोक कर उनके साथ हाथापाई की लेकिन वो किसी तरह निकलने में सफल रहे. आरक्षण की माँग गूजरों के आंदोलन का ज़्यादा प्रभाव पूर्वी राजस्थान में है और आरक्षण की माँग पर गूजरों ने पिछले साल उग्र आंदोलन किया था.
तब 29 मई से चार जून के बीच कई बार आंदोलन ने हिंसक रूप अख़्तियार कर लिया और कुल 26 लोग मारे थे. राज्य सरकार और गूजर प्रतिनिधियों के बीच समझौते के तहत आरक्षण की माँग पर विचार के लिए चोपड़ा आयोग का गठन किया गया. इस आयोग ने अपनी रिपोर्ट भी पेश कर दी लेकिन इसमें आरक्षण के बारे में स्पष्ट तौर पर कोई ज़िक्र नहीं किया गया. अब गूजरों का कहना है कि उन्हें चोपड़ा आयोग से कोई मतलब नहीं है और वे चाहते हैं कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया अपने वादे के मुताबिक कार्यकाल ख़त्म होने से पहले आरक्षण देने की सिफ़ारिश केंद्र सरकार से करें. |
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