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रविवार, 25 मई, 2008 को 05:44 GMT तक के समाचार
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बयाना से लौटी वसुंधरा, नहीं हुई बात

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे
वसुंधरा राजे ने कहा है कि गूजरों के आंदोलन के कारण जयपुर धमाकों की जाँच से ध्यान बंटने का ख़तरा है
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने रविवार शाम को भरतपुर ज़िले के उपखंड बयाना का दौरा किया है लेकिन गूजर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला से उनकी मुलाक़ात नहीं हुई.

वसुंधरा राजे अब बयाना से लौट आई हैं. उन्होंने वहाँ हालात का जायज़ा लिया और लोगों से मिलीं. लोगों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा था कि अगर बैंसला चाहें तो उनसे मिल सकते हैं.

गूजर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला बयाना के पास ही रेल की पटरियों पर धरना दे रहे हैं. उन्होंने कहा है कि अगर कोई उनसे मिलने चाहता है तो उसे धरना स्थल पर आना होगा.

राजस्थान सरकार ने जयपुर में गूजर नेता को बातचीत के लिए बुलाया था लेकिन किरोड़ी सिंह बैंसला बातचीत के लिए नहीं आए.

वसुंधरा राजे ने बताया था कि बैंसला की तरफ़ से बातचीत के लिए कोई दूत भी नहीं पहुँचा. उन्होंने कहा कि अगर कोई दूत भी आता तो हम उनसे बातचीत करने को तैयार थे.

इस बीच बैंसला ने कहा है कि वो अपना आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से कर रहे हैं और इसे ऐसे ही जारी रखना चाहते हैं.

उन्होंने कहा कि गूजरों के इस आंदोलन में हिंसा को किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

उधर वसुंधरा राजे ने कहा है कि गूजरों ने ऐसे समय आंदोलन किया है जब राजस्थान सरकार जयपुर बम धमाकों के मामले से निपटने में जुटी हुई है.

 इस पूरे आंदोलन में कुछ असामाजिक तत्व शामिल हो गए हैं जिन्होंने ये पूरा हंगामा किया है
वसुंधरा राजे

पुलिस फ़ायरिंग में मारे गए गूजरों के बारे में जब मुख्यमंत्री से पूछा गया तो वसुंधरा राजे ने कहा, "इस पूरे आंदोलन में कुछ असामाजिक तत्व शामिल हो गए हैं जिन्होंने ये पूरा हंगामा किया है. "

वसुंधरा राजे ने कहा कि गूजरों के आंदोलन में सारे गूजर शामिल नहीं हैं.

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे राज्य में पिछले तीन दिनों से चल रहे गूजर आंदोलन के दौरान हुई हिंसा को लेकर ख़ासी परेशान हैं.

शनिवार की रात अपनी चिंता व्यक्त करते हुए वो कहती हैं, "मुझे यह समझ में नहीं आ रहा है कि क्यों और किस वजह से ये हिंसा हुई."

इस बीच दो दिनों की हिंसा के दौरान मरनेवालों की तादाद बढ़कर 35 हो गई है. 16 लोगों की शुक्रवार को हुई हिंसा में मौत हो गई थी. शनिवार को मारे गए लोगों की तादाद 15 बताई जा रही थी जो अब बढ़कर 19 हो गई है.

राज्य के गूजर बिरादरी के लोग अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं. गूजरों के इस आंदोलन में पिछले एक वर्ष के दौरान तेज़ी आई है.

उधर विपक्ष का कहना है कि यह हिंसा वसुंधरा राजे के झूठे चुनावी वादों का परिणाम है. कांग्रेस का कहना है की किसी को भी चुनाव जितने के लिए झूठे वादे नहीं करने चाहिए.

उधर मुख्यमंत्री कहती हैं कि ये घटना ऐसे समय में हुई है जब सरकार और पुलिस जयपुर में हुए धमाकों की जांच और उसके अभियुक्तों का पता लगाने में लगी हुई थी.

मुख्यमंत्री ने राज्य के चुनिंदा पत्रकरों से बात की और अपने विचारों को व्यक्त किया. इस संकट में फंसी राजे कहती हैं, "इस हिंसा से मुझे विशेष आघात लगा है. गूजरों को आरक्षण के मुद्दे पर हुई बैठकों में जो भी निर्णय हुए हैं उसमें गूजरों के प्रतिनिधि भी बैठे थे."

आर्थिक पैकेज का विकल्प

गूजर नेता
गूजरों के शीर्ष नेतृत्व के लिए बातचीत का रास्ता अपनाना आसान नहीं दिखता

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का कहना है, "चोपड़ा समिति ने हम से कहा कि जो ग़रीब से ग़रीब इलाके हैं, उनके लिए विशेष पैकेज बनाए जाएं. हमने 300 करोड़ रूपए का पैकेज, जो आज तक पचास सालों में नहीं हुआ, उसे बजट में शामिल किया. उसके क्रियान्वयन की तैयारी कर ली थी. इसके साथ जो गूजरों की दूसरी मांगें थी, वो भी हमने मान ली थी."

हालात से हैरान और परेशान राजे कहती हैं, "मैं मानती हूँ कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हम लोग एक दुसरे की मुख़ालफ़त भी कर सकते हैं मगर वो शांतिपुर्ण तरीके से अपनी बात कह सकते है या रख सकते है."

वसुंधरा राजे ने ये भी कहा की इन हिंसक घटनाओं से धमाकों की जांच से ध्यान भी बटने का ख़तरा भी है. चरमपंथियों ने इतना बड़ा हमला किया, जनता ने एक होकर सरकार से मिलकर बहुत साहस और हिम्मत से उसका मजबूती से सामना भी किया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो दिनों की हिंसा की जांच के लिए आयोग बना दिया है.

राजे ने इस मामले का रुख केंद्र की ओर करते हुए कहा, "आज गेंद केंद्र सरकार के पाले में है. इस पर बात की जा सकती है मगर किसी को कानून अपने हाथ में लेने की ज़रुरत नहीं है. मैंने कभी बातचीत के लिए दरवाजे बंद नहीं किए."

मुख्यमंत्री ने इस दौरान गूजर नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया भी है पर गूजरों का आंदोलन जारी है और उनकी ओर से बातचीत में शामिल होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं.

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