BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
सोमवार, 26 मई, 2008 को 08:40 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
नए इलाक़ों में फैला गूजरों का आंदोलन

गूजर नेता बैंसला
राज्य सरकार ने कहा है कि वह गूजरों के नेता बैंसला या उनके दूत से वार्ता के लिए तैयार है
राजस्थान में जनजाति का दर्जा देने की माँग को लेकर गूजरों का आंदोलन राज्य के दूसरे हिस्सों में भी फैल गया है.

आंदोलनकारियों ने जगह-जगह रेल और सड़क मार्ग को जाम कर रखा है जिसे खुलवाने में सुरक्षा बलों को कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है.

गूजरों ने सोमवार को उदयपुर-अहमदाबाद और झालावाड़-इंदौर मार्ग को निशाना बनाया.

दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पहले से ही आंदोलन की चपेट में है. रविवार की रात आगरा-बाँदीकुई रेलमार्ग के भी बाधित होने की ख़बरें हैं.

इस बीच आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि शुक्रवार से चल रहे इस आंदोलन के दौरान हिंसा में मारे गए लोगों की संख्या 36 तक पहुँच गई है.

मारे गए लोगों में ज़्यादातर गूजर हैं जो पुलिस की गोलियों का निशाना बने हैं.

आंदोलनकारियों ने इनमें से कई शवों का दाह संस्कार नहीं किया है और उसके साथ आंदोलन पर डटे हुए हैं.

वार्ता की कोशिशें

गूजरों के शव
आंदोलन में कई लोगों की मौत के कारण बातचीत का माहौल नहीं बन पा रहा है

राज्य सरकार ने एक बार फ़िर कहा है कि वह मसले के समाधान के लिए गूजरों से बातचीत के लिए तैयार है लेकिन गूजर नेता बातचीत को तैयारी नहीं दिख रहे हैं.

सरकार चला रही भारतीय जनता पार्टी को कुछ महीने बाद ही विधानसभा चुनावों का सामना करना है इसलिए वह चाहती है कि मामला जितनी जल्दी शांत हो जाए, उतना अच्छा है.

यही वजह है कि सरकार ने कहा है कि किरोड़ी सिंह बैंसला बातचीत के लिए अपना दूत भी भेज सकते हैं.

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे रविवार को भरतपुर ज़िले के बयाना इलाक़े में हालाज का जायज़ा लेने गई थीं लेकिन बैंसला से उनकी भेंट नहीं हुई.

बयाना के लोगों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा था कि अगर बैंसला चाहें तो उनसे मिल सकते हैं.

गूजरों का गुस्सा

आंदोलन के शुरुआती दो दिनों में ही पुलिस फ़ायरिंग की घटना और उसमें बड़ी संख्या में लोगों की मौत से गूजर ख़ासे नाराज़ हैं.

गूजर आंदोलन (फ़ाइल फ़ोटो)
पिछले साल भी गूजरों के उग्र आंदोलन में हिंसा हुई थी जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी

माना जा रहा है कि सरकार के बुलावे के बावजूद अगर गूजर नेता बातचीत शुरू नहीं कर पा रहे हैं तो बिरादरी के लोगों की मौत को लेकर लोगों का गुस्सा एक बड़ी वजह है.

हालाँकि सरकार ने दो दिन लगातार हुई गोलीबारी के बाद करोली और भरतपुर के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को हटा दिया है.

पिछले साल भी गूजरों ने जनजाति का दर्जा देने की माँग को लेकर उग्र आंदोलन किया था और उस समय भी बड़े पैमाने पर हुई हिंसा में 26 लोगों की मौत हुई थी.

तब राज्य सरकार और गूजर नेताओं के बीच समझौते के बाद आरक्षण की माँग पर विचार के लिए चोपड़ा आयोग का गठन किया गया था.

इस आयोग ने रिपोर्ट पेश की लेकिन उसमें आरक्षण के बारे में स्पष्ट तौर पर कोई सुझाव नहीं था.

अब गूजरों का कहना है कि उन्हें चोपड़ा आयोग से कोई मतलब नहीं है और वे चाहते हैं कि वसुंधरा राजे अपने वादे के मुताबिक कार्यकाल ख़त्म होने से पहले आरक्षण देने की सिफ़ारिश केंद्र से करें.

गूजरों के महंत सवाई भोज मंदिर के भूदेव दास ने भी माँगे पूरी करने के लिए राज्य सरकार को 48 घंटों का अल्टीमेटम दिया है.

राजस्थान में गूजर आंदोलन गूजर आंदोलन: तस्वीरें
राजस्थान के गूजर आंदोलन की तस्वीरें
राजस्थान में प्रदर्शनऐसे हालात क्यों ?
राजस्थान के ताज़ा हालात के लिए ज़िम्मेदार कारणों पर पेश है विवेचना.
वसुंधरा राजे सिंधियागले की फांस
राजस्थान में गूजरों का संघर्ष मुख्यमंत्री के गले की फांस बनता जा रहा है.
गूजर व्यक्तिगूजरों का अतीत
गूजर एक समय कुशल योद्धा माने जाते थे.जानिए, उनका अतीत
इससे जुड़ी ख़बरें
फिर भड़का गुर्जर आंदोलन
23 मई, 2008 | भारत और पड़ोस
गूजरों को आरक्षण का एक और प्रस्ताव
18 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस
गूजर आरक्षण रिपोर्ट केंद्र को
18 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस
आरक्षण पर गूजरों का 'अल्टीमेटम'
13 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>