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सीतामढ़ी में महिला यौनकर्मियों का आंदोलन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार के सीतामढ़ी ज़िले के बोहा-टोला इलाक़े की सेक्स वर्करों यानी महिला यौनकर्मियों की कई संस्थाओं ने स्थानीय प्रशासन के खिलाफ़ आंदोलन छेड़ दिया है. पिछले सोमवार को बोहा-टोला की सेक्स वर्करों के 53 घरों में हज़ारों की भीड़ ने घरों को लूटने के बाद उनमें आग लगा दी थी. इसमें कई सेक्स वर्कर झुलस गई थीं और उनकी लाखों की संपत्ति जल कर राख हो गई थी. कई घरों को जलाया गया था. महिला यौनकर्मियों और उनके साथ रह रहीं छोटी-छोटी लड़कियों ने किसी तरह क़रीब ही बने एक मज़ार में छिप कर अपनी जान बचाई थी. इन सेक्स वर्करों का आरोप है कि घरों में आग लगाने की घटना स्थानीय असामाजिक तत्वों को रंगदारी नहीं देने की वजह से हुई है. इन लोगों का कहना है कि इलाक़े के दबंग लोग उनसे रंगदारी वसूल करते हैं और विरोध करने पर उन्हें मारा-पीटा जाता है. ये कोई पहला मौक़ा नहीं है जब बोहा-टोला में इन सेक्स वर्करों के घरों को जलाया गया है. इससे पहले भी 2004 में इनके घरों में आग लगा दी गई थी. सेक्स वर्करों के आरोप आंदोलन कर रही संस्थाओं का आरोप है ज़िला प्रशासन आग लगाने वालों को गिरफ़्तार करने की बजाए बोहा-टोला की औरतों को प्रताड़ित कर रहा है. साथ ही पुलिस उन्हें नाबालिग़ लड़कियों की तस्करी के झूठे मुक़दमों में फंसा रही है. सीतामढ़ी की सेक्स वर्करों के लिए काम करने वाली संस्था ‘परचम’ की सचिव नसीमा ने आरोप लगाया है कि ज़िला प्रशासन दंगाइयों का साथ दे रहा है. एक हफ़्ता गुज़र जाने के बावजूद अभी तक उनके घरों से लूटा गया सामान भी बरामद नहीं किया जा सका है. हालांकि, इस घटना के बाद ज़िला प्रशासन ने बोहा-टोला की सेक्स वर्करों और उनके 290 रिश्तेदारों को अस्थाई शिविर में रखा है. इसी तरह सेक्स वर्करों के हित में काम करने वाली संस्था ‘दुरबार’ की स्थानीय प्रमुख सपना ने सरकार से मांग की है कि सबसे पहले प्रभावित महिलाओं का पुनर्वास कराया जाए और उन्हें उनके घरों में पहुँचाया जाए. एक सेक्स वर्कर शगुफ़्ता खातून का कहना है कि पुलिस उन पर दबाव डाल रही है कि वो कहें कि उनके पास नाबालिग़ लड़कियां है. जबकि, इन सेक्स वर्करों का कहना है कि ये नाबालिग़ लड़कियाँ उनकी बेटियाँ हैं. प्रशासन की दलील सीतामढ़ी के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सेक्स वर्करों के घरों से बरामद की गईं 18 साल से कम उम्र की लड़कियों को रखने वालों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी.
ज़िले के पुलिस अधीक्षक अजिताभ कुमार ने कहा है, "इस मामले में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ़्तार किया है और दोषियों के ख़िलाफ कारर्वाई की जा रही है." हालांकि, पुलिस अधीक्षक ने इस इलज़ाम को बेबुनियाद बताया कि पुलिस सेक्स वर्करों के ख़िलाफ़ ग़लत केस तैयार कर रही है. वहीं, चालीस से भी अधिक सेक्स वर्करों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलकर ज़िला प्रशासन के रवैए की शिकायत की. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निर्देश दिए हैं कि वो सेक्स वर्करों के पुनर्वास का पैकेज तैयार करें. |
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