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'नेपाल नरेश जनादेश का सम्मान करें' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में माओवादी नेता प्रचंड ने कहा है कि वो नेपाल नरेश से मिलना चाहते हैं ताकि उन्हें सत्ता से दूर रहने के लिए राज़ी किया जा सके. संविधान सभा के चुनावों में पुष्प कमल दहल उर्फ़ प्रचंड की अगुआई वाली नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है. प्रचंड ने कहा कि वो नरेश से मिलने के लिए ख़ुद पहल करेंगे. माओवादी लगभग एक दशक तक हिंसक आंदोलन चलाने के बाद वर्ष 2006 में मुख्य धारा में शामिल हो गए थे. प्रचंड ने नेपाल नरेश के बारे में कहा, "उन्हें जनादेश को समझना चाहिए और उसका सम्मान करना चाहिए और ख़ुद राजभवन को खाली कर देना चाहिए." वो कहते हैं, "इतिहास देखें तो राजाओं की हत्या तक कर दी गई है और उन्हें भागना पड़ा है. कृपया उसकी पुनरावृत्ति नेपाल में न होने दें." परिणाम इससे पहले माओवादियों के दूसरे प्रमुख नेता और प्रधानमंत्री पद के दावेदार समझे जा रहे बाबूराम भट्टाराई ने कहा था कि संविधान सभा की पहली बैठक में ही नेपाल को गणतांत्रिक राष्ट्र घोषित कर दिया जाएगा. संविधान सभा के चुनावों के अंतिम परिणाम अगले हफ़्ते तक आने की उम्मीद है. चुनावों में माओवादियों की जीत से कई विश्लेषक भी आश्चर्यचकित रह गए. प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली के तहत 240 सीटों में से आधी सीटें माओवादियों के खाते में जाने के संकेत मिल रहे हैं. लेकिन 355 सीटों पर समानुपातिक पद्धति से चुनाव होने हैं और विश्लेषकों के मुताबिक इसमें माओवादियों को बहुत ज़्यादा सीटें मिलने की संभावना नहीं है. इसके बाद 28 सदस्यों को सरकार नामित करेगी. | इससे जुड़ी ख़बरें नेपाल नरेश को गद्दी छोड़ने का सुझाव16 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस माओवादी 106 सीटों पर जीते15 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस नेपाल में माओवादी बहुमत की ओर14 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस नेपाल में माओवादियों की ज़ोरदार बढ़त11 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस नेपाल में आज से काम संभालेंगे पर्यवेक्षक08 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'राजशाही ख़त्म नहीं, तो चुनाव में बाधा'18 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नेपाल में मधेशियों से बातचीत नाकाम27 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस नेपाल में चुनाव से पहले संशय का माहौल06 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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