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इस्तीफ़े का कोई इरादा नहीं: मुशर्रफ़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने स्पष्ट किया है कि संसदीय चुनावों में विपक्ष की जीत के बावजूद उनके इस्तीफ़ा देने की कोई योजना नहीं है. अमरीकी अख़बार वॉल स्ट्रीट जनरल से बातचीत में उन्होंने कहा, "इस समय पाकिस्तान में स्थिर लोकतांत्रिक सरकार स्थापित करने की ज़रूरत है." दूसरी ओर पाकिस्तान में सरकार बनाने की कोशिशें तेज़ हो गईं हैं. ख़बरें हैं कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता आसिफ़ अली ज़रदारी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के नेता नवाज़ शरीफ़ के बीच बुधवार को बैठक होनी है जिसमें गठबंधन सरकार के संबंध में बातचीत होगी. ख़बर है कि सूबा सरहद में सफल रही अवामी नेशनल पार्टी के नेता भी इस बातचीत में शामिल होंगे. पाकिस्तान चुनाव में सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के तौर पर उभर कर सामने आई पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और दूसरे नंबर पर रही पीएमएल (नवाज़) के नेताओं ने इससे पहले कहा था कि वे गठबंधन सरकार बनाने के लिए राज़ी हैं. नतीजों के मुताबिक पीपीपी को 87 और पीएमएल (नवाज़) को 66 सीटें मिली हैं. अगर ये दोनों पार्टियाँ मिलकर सरकार बनाती हैं तो दोनों के पास संसद की आधी से ज़्यादा सीटें होंगी. पीपीपी के नेता और बेनज़ीर भुट्टो के पति आसिफ़ अली ज़रदारी ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि उनकी पार्टी ऐसी सरकार बनाएगी जो सभी लोकतांत्रिक शक्तियों को साथ लेकर चलेगी. एकजुटता दूसरी ओर नवाज़ शरीफ़ ने कहा है कि लोकतांत्रिक शक्तियों को एकजुट होना चाहिए ताकि ‘तानाशाही’ का अंत किया जा सके. नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि वो बेनज़ीर भुट्टो की पार्टी पीपीपी के नेता आसिफ़ अली ज़रदारी से मिलेंगे.
उनका कहना था, " मैं लोगों की भावना की क़द्र करता हूँ. लोगों ने अपना मत ज़ाहिर कर दिया है लेकिन मुशर्रफ़ को ये बात समझ में नहीं आ रही थी. उन्होंने अपनी आँखें बंद कर रखीं थीं. उनका कहना था कि जब लोग चाहेंगे वो चले जाएँगे. आज लोगों ने बता दिया है कि वो क्या चाहते हैं." अगर पीपीपी और पीएमएल (नवाज़) मिलकर गठबंधन सरकार बनाते हैं तो संसद में दो-तिहाई बहुमत के साथ वे मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव भी ला सकते हैं. राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को समर्थन देने वाली पीएमएल-क्यू के खाते में 38 सीटें ही आई हैं. पीएमएल-क्यू के नेता चौधरी शुजात हुसैन ने एपी टेलीवीज़न न्यूज़ से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी खुले दिल से नतीजों को स्वीकार करती है और विपक्षी खेमे में बैठने के लिए तैयार है. परवेज़ मुशर्रफ़ स्वयं चुनाव में खड़े नहीं हुए थे लेकिन संवाददाताओं का कहना है कि उनके समर्थकों की हार के कारण उनकी स्थिति कमज़ोर हुई है. मतदान नेशनल असेंबली की 272 सीटों और प्रांतीय असेंबलियों की 577 सीटों के लिए हुआ था. |
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