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पीपीपी कार्यालय के पास धमाका, 37 मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के कबायली इलाक़े में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के कार्यालय के बाहर हुए धमाके में कम से कम 37 लोग मारे गए हैं और करीब 90 लोग घायल हुए हैं. एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि धमाका पाराचिनार कस्बे में हुआ. ये धमाका चुनाव प्रचार के आख़िरी दिन हुआ है. पाकिस्तान में सोमवार को संसदीय चुनाव के लिए मतदान होना है. गत 27 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के बाद चुनाव टाल दिए गए थे. पाकिस्तान चुनावों में धाँधली की आशंकाएँ जताई जा रही हैं. हालांकि शनिवार को राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि वे आश्वस्त हैं कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होंगे. कई विश्लेषकों का कहना है कि हिंसा के डर को देखते हुए मतदाताओं की संख्या कम रह सकती है. धमाका पाराचिनार में धमाका उस समय हुआ जब एक चुनावी रैली के बाद पीपुल्स पार्टी के समर्थक पार्टी कार्यालय के सामने इकट्ठे हो रहे थे.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एक कार भीड़ में घुसा दी गई और फिर उसमें विस्फोट कर दिया गया. विस्फोट से लोगों के चीथड़े उड़ गए और क्षतविक्षत शरीर सड़क पर यहाँ-वहाँ बिखर गए. आतंरिक सुरक्षा मामलों के मंत्री हामिद नवाज़ ने एएफ़पी को बताया, "ये आत्मघाती हमला था. उम्मीदवार के घर के बाहर लोग इकट्ठा थे और जब हमला हुआ तो ये लोग खाने का इंतज़ार कर रहे थे." एक अधिकारी के मुताबिक हताहतों में ज़्यादातर पीपीपी के कार्यकर्ता शामिल हैं. पीपीपी के एक समर्थक ज़फ़र अली ने विस्फोट के तुरंत बाद समाचार एजेंसी एपी से कहा," हमारी पार्टी के कई सदस्य खून से लथपथ पड़े हैं. हम घायलों को अस्पताल ले जा रहे हैं." एक अन्य घटना में क्वेटा शहर में पुलिस ने विपक्षी पार्टियों की एक रैली पर आँसू गैस छोड़ी. इस रैली में करीब एक हज़ार लोग थे. पुलिस का कहना है कि ये लोग चुनाव का बहिष्कार कर रहे हैं. काफ़ी समय से ही चुनावों से पहले हिंसा की आशंका जताई जा रही है. |
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