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'मुशर्रफ़ जाएँ तो स्थिति बेहतर होगी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बीबीसी के एक सर्वेक्षण के अनुसार पाकिस्तान की 64 प्रतिशत जनता का मानना है कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के इस्तीफ़ा देने से पाकिस्तान में सुरक्षा स्थिति बेहतर हो सकती है. जबकि मात्र एक चौथाई लोग इसके विपरीत सोचते हैं. सर्वेक्षण में भाग लेने वालों में से लगभग आधे का कहना है कि नवंबर में मुशर्रफ़ अवैध तरीके से राष्ट्रपति चुने गए. हालाँकि 29 प्रतिशत लोग उनके चुने जाने की प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नहीं देखते. सर्वेक्षण में पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार चौधरी को अपार जनसमर्थन की बात भी सामने आई है. क़रीब दो तिहाई लोगों की राय है कि आम चुनाव के बाद संसद दोबारा जस्टिस चौधरी को मुख्य न्यायाधीश के पद पर बहाल कर दे. मात्र 19 प्रतिशत लोगों की राय ही इसके विपरीत है. जनवरी के अंतिम सप्ताह में कराए गए इस राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण में 1476 लोगों ने भाग लिया. हत्या का ज़िम्मेवार सर्वेक्षण में एक सवाल ये भी था कि पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के लिए आप किसे ज़िम्मेवार मानते हैं? और जवाब में मात्र 16 प्रतिशत लोगों ने पाकिस्तान सरकार की बात से सहमति जताई कि तालेबान नेता बैतुल्ला महसूद और उनके अल-क़ायदा से जुड़े नेटवर्क का बेनज़ीर की हत्या में हाथ है. दूसरी ओर 39 प्रतिशत लोगों का मानना है कि बेनज़ीर की हत्या में पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों और उनसे संबद्ध लोगों का हाथ है. देश में 18 फ़रवरी को हो रहे आम चुनाव के स्वतंत्र और निष्पक्ष होने के प्रति 44 प्रतिशत लोगों का भरोसा है, जबकि इससे कहीं ज़्यादा 46 प्रतिशत लोगों की राय इसके विपरीत है. लेकिन इन सबके बाद भी सर्वेक्षण में भाग लेने वाले हर दूसरे व्यक्ति का मानना है कि अगले छह महीनों में पाकिस्तान में स्थितियाँ बेहतर होंगी. जबकि 39 प्रतिशत लोगों की राय इसके विपरीत थी. |
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