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पश्चिम को मुशर्रफ़ की चेतावनी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि 'आतंकवाद के ख़िलाफ़' पाकिस्तान की लड़ाई अहम है और इसमें किसी भी तरह की असफलता का असर पश्चिमी देशों पर होगा. एक ब्रिटिश संस्थान में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की 'निंदा करने और उनकी ओर ऊँगली उठाने' की जगह उसकी सहायता करनी चाहिए. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने अल-क़ायदा और तालेबान से निपटने की अपनी रणनीति का ब्यौरा दिया और बताया कि अफ़ग़ानिस्तान से लगी पाकिस्तान की सीमा की सुरक्षा के लिए उनकी क्या योजना है. उन्होंने दोहराया कि पाकिस्तान में देर से हो रहे चुनाव 'स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण' होंगे. रॉयल यूनाइटेड सर्विसेस इंस्टिट्यूट (आरयूएसआई) में दिए गए अपने भाषण में उन्होंने कहा, "मैं जानना चाहता हूँ कि चुनाव में धाँधली कैसे हो सकती है, इस बारे में मुझे यदि कोई सुझाव देगा तो मैं उसे अमल के लिए चुनाव आयोग को बढ़ा दूँगा." उल्लेखनीय है कि पहले पाकिस्तान में जनवरी में चुनाव होने थे लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के बाद चुनाव 18 फ़रवरी तक बढ़ा दिए गए थे. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने दोहराया कि उनका देश बेनज़ीर भुट्टो की हत्या की पूरी जाँच करने में सक्षम है. ब्रितानी ख़ुफ़िया पुलिस से सहायता के बारे में उन्होंने कहा कि उनकी सहायता इसलिए माँगी गई क्योंकि पाकिस्तान की फ़ोरेंसिक जाँच क्षमता और तकनीकी क्षमता में कमज़ोरियाँ हो सकती हैं. चेतावनी तीन दिन की यात्रा पर ब्रिटेन पहुँचे राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ पहले दिन 'आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई' की बात करते रहे. उन्होंने कहा, "हम आतंकवाद और चरमपंथ के ख़िलाफ़ लड़ाई में बहुत आगे जा चुके हैं और हमारी जीत अहम है. हमें जीतना होगा क्योंकि अगर हम हारे तो इसका असर क्षेत्र में होगा, विश्व पर होगा और ख़ासकर यूरोप की सड़कों पर दिखाई देगा." "इसलिए हमको मीनमेख़ निकालने और ऊँगली उठाने की जगह मिलकर लड़ना होगा, एक दूसरे की ताक़त बनना होगा, एक दूसरे को बढ़ाना होगा." राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा कि 'आंतक के ख़िलाफ़ युद्ध' कई स्तर पर लड़ा जा रहा है, सेना के स्तर पर, राजनीतिक स्तर पर और सामाजिक-आर्थिक स्तर पर. उन्होंने कहा, "हम यह लड़ाई किसी और के लिए नहीं लड़ रहे हैं, अपने लिए लड़ रहे हैं और मैं इस पर भरोसा करता हूँ." पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की सुरक्षा पर उन्होंने कहा कि चरमपंथी वहाँ तक तभी पहुँच सकते हैं जब अल-क़ायदा या तालेबान सेना की जगह ले ले या अगले चुनाव में अतिवादी धार्मिक गुटों की जीत हो जाए. परवेज़ मुशर्रफ़ का ब्रिटेन दौरा उनकी यूरोप यात्रा का हिस्सा है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'पाकिस्तानी हथियार सुरक्षित हाथों में'22 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस हमारे परमाणु हथियार सुरक्षित: मुशर्रफ़21 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ यूरोप के अहम दौरे पर21 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस अमरीकी सेना को मुशर्रफ़ की चेतावनी11 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस 'मौत के लिए बेनज़ीर ख़ुद ज़िम्मेदार'05 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस 'चुनाव टालना ही विकल्प बचा था'03 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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