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पाक चुनाव : धाँधली का विवाद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा है कि उसे पाकिस्तान के एटॉर्नी जनरल मलिक क़य्यूम की एक ऐसी रिकॉर्डिंग मिली है जिसमें उन्होंने संसदीय चुनावों में "बड़े पैमाने पर धांधली" होने की बात कही है. ह्यूमन राइट्स वॉच ने अपनी वेबसाइट पर एक ऑडियो रिकॉर्डिंग लगाई है जिसके बारे में कहा गया है कि यह पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल मलिक क़य्यूम की है और उस ऑडियो में बोलने वाला व्यक्ति कहता है कि चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली हो सकती है. इस ऑडियो में तथाकथित मलिक क़य्यूम किसी व्यक्ति से कहते हैं, "आप नवाज़ शरीफ़ का साथ छोड़ दीजिए, वो तो शायद चुनाव में हिस्सा भी न लें. अगर नवाज़ शरीफ़ ने चुनाव में भाग लिया तो वो मुश्किल में पड़ेंगे. बेनज़ीर भी मुश्किल में पड़ेंगी. वो लोग बड़े स्तर पर चुनाव में धाँधली करेंगे ताकि अपने लोगों को जिता सकें, इसीलिए अगर वो आपको टिकट दे रहे हैं तो आप इनके साथ मिलकर ही चुनाव लड़िए." उधर मलिक क़य्यूम ने इस रिकॉर्डिंग को ख़ारिज करते हुए कहा, "इस तरह के आरोप बिल्कुल बक़वास हैं... पाकिस्तान के ख़िलाफ़ एक साज़िश हैं और ऐसी कोई बात उन्होंने कभी कही ही नहीं." मलिक क़य्यूम ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा, "मैं इस तरह का बयान क्यों दूंगा? चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करा रहा है और मैं भी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की हिमायत करता हूँ. मैं ह्यूमन राइट्स वॉच पर मानहानि का दावा करने जा रहा हूँ. चूँकि मैं राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के नज़दीक हूँ इसलिए यह एक साज़िश है. वे पाकिस्तान के ख़िलाफ़ साज़िश रचना चाहते हैं." 'इरादों की जानकारी' ह्यूमन राइट्स वॉच की एशिया डिवीज़न के प्रमुख ब्रैड एडम्स ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "यहाँ मैं दो बातें स्पष्ट कर देना चाहता हूँ. ये बातचीत नवंबर 2007 में रिकॉर्ड की गई और दूसरी बात ये कि ये रिकॉर्डिंग ऐसे हुई जब कोई पत्रकार अटॉर्नी जनरल मलिक क़य्यूम से इंटरव्यू कर रहा था, क़य्यूम की जानकारी में रिकॉर्डिंग के लिए टेप चल रही थी. उसी बीच, किसी और व्यक्ति का फ़ोन आया और क़य्यूम उससे बात करने लगे और उन्होंने चुनाव में बड़ी धाँधली की ये सारी बातें कह डालीं."
यह पूछे जाने पर कि क्या आपको ये विश्वास कैसे है कि ये अटॉर्नी जनरल मलिक क़यूम की ही आवाज़ है, ब्रैड एडम्स का कहना था, "मलिक क़य्यूम की आवाज़ अलग ही पहचान में आ रही है. मैं ये दावा तो नहीं कर सकता कि मैं उनकी आवाज़ पहचान सकता हूँ लेकिन हाँ, ये ज़रूर बता सकता हूँ कि ये टेप कई ऐसे लोगों ने सुना है जो रोज़ाना उनसे बात करते हैं, उनका क़य्यूम से काम पड़ता रहता है और उन्हें ये पूरा पूरा विश्वास है कि ये मलिक क़य्यूम की ही आवाज़ है." जब ब्रैड एडम्स से यह पूछा गया कि क्या आपने ख़ुद मलिक क़य्यूम से बात करने की कोशिश की है तो उनका कहना था, "हमने उनसे बात करने की कई कोशिशें की है लेकिन उन्होंने हमारा फ़ोन नहीं उठाया है." ब्रैड एडम्स ने कहा "ह्यूमन राइट्स वॉच ने इस मुद्दे पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति या पाकिस्तान सरकार से बात करने की कोशिश नहीं की है लेकिन हम यहाँ इतना ही कह रहे हैं कि अटॉर्नी जनरल को धाँधली की जानकारी है, ऐसा वो अपने ही शब्दों में कह रहे हैं, हम और कोई दावा नहीं कर रहे हैं." राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने गुरूवार को ही कहा था कि सोमवार, 18 फ़रवरी को होने वाले चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी होंगे. उधर विपक्षी नेताओं ने मुशर्रफ़ सरकार पर आरोप लगाया है कि वह चुनाव को अपने सहयोगी दलों के पक्ष में करने के लिए धांधली की योजना बना रही है. पाकिस्तान चुनाव की निगरानी के लिए यूरोपीय संघ ने अपना एक दल भी भेजा हुआ है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'चुनाव में धांधली हुई तो भारी विरोध'15 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस बेनज़ीर हत्या जाँच में अहम प्रगति14 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान की धरती पर पहला क़दम!14 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस 'मुशर्रफ़ जाएँ तो स्थिति बेहतर होगी'14 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस बेनज़ीर का चालीसवाँ, चुनाव अभियान शुरू07 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस बेनज़ीर की राजनीतिक वसीयत सार्वजनिक06 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस परवेज़ मुशर्रफ़ के इस्तीफ़े की मांग तेज़03 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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