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'लोकतंत्र के लिए परिपक्वता चाहिए' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चुनाव को लेकर पाकिस्तानी अख़बारों का कहना है कि देश में स्थिर और सुचारू प्रजातंत्र की मंज़िल पाने के लिए राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ और दूसरी पार्टियों को परिपक्वता का परिचय देना होगा. अख़बार सोमवार को हुए चुनावों के परिणामों के प्रति काफ़ी आशावान दिखाई दिए क्योंकि चुनाव काफ़ी हद तक स्वच्छ, पक्षपात रहित और हिंसा की किसी बड़ी घटना के बिना संपन्न हो गए. पाकिस्तान के अंग्रेज़ी अख़बार पाकिस्तान ऑब्ज़र्वर का कहना है कि मतदान पूरा होना ही पाकिस्तानी लोगों के लिए बड़ी उपलब्धि है. अख़बार को उम्मीद है कि इसके परिणामों के साथ देश में प्रजातंत्र स्थापित होगा. अख़बार कहता है, "इस चुनाव में युवा वर्ग ख़ासतौर पर ज़्यादा उत्साहित रहा है लेकिन धमकियों के बावजूद बड़ी संख्या में वोट डालने आईं महिलाओं में भी कम उत्साह नहीं देखा गया." पुलिस की तारीफ़ द पोस्ट अख़बार का कहना है कि देश में हिंसा मुक्त चुनाव कराने के लिए पुलिस की पीठ थपथपानी चाहिए. डाउन अख़बार ने उम्मीद जताई है कि मुशर्रफ़ संभवतः चुनाव परिणामों की इज़्ज़त करते हुए देश के 'पितामह' की भूमिका निभाएंगे. अख़बार का कहना है कि हालाँकि वह वर्दी के बिना भी संसदीय कामों को अपनी तरह से तोड़-मरोड़ कर अपनी पसंद की सरकार बनवा सकते हैं लेकिन उन्हें एक आम नागरिक की तरह बिना कोई प्रभाव डाले सभी को अपना काम करने देना चाहिए. डेली न्यूज़ का कहना है कि देश का भविष्य इन्हीं चुनावों पर निर्भर है. अख़बार के अनुसार, "यह चुनाव पाकिस्तानी लोगों की देश के प्रति ज़िम्मेदारियों के लिए लड़ने का पहला चरण है."
अंतरराष्ट्रीय रुचि द नेशन कहता है, "देश में हो रहे चुनावों के परिणामों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय पूरी रुचि के साथ निगाह लगाए है." द न्यूज़ ने सवाल उठाया है कि क्या देश की पार्टियाँ इतनी परिपक्व हैं कि वे देश को स्थायित्व दे सकें. बिज़नेस रिकॉर्डर ने चुनाव के परिणाम आने के बाद बनने वाली परिस्थितियों और जीतने की उम्मीद रखने वाले विपक्षी दलों के बारे में प्रकाश डाला है. फ़्रंटियर पोस्ट ने अपने संपादकीय में निष्कर्ष निकाला है कि परिणाम कुछ भी हों, सोमवार के चुनाव अपने आप में ऐतिहासिक होंगे. रावलपिंडी से निकलने वाले जंग ने पक्षपात रहित चुनाव परिणामों के लिए प्रार्थना की है और उम्मीद जताई है कि देश को संभालने वाले और सक्षम लोगों को ही विजय मिलेगी. औसाफ़ ने चुनाव परिणामों पर अपना कोई मत न देते हुए चुनाव प्रक्रिया के शांतिपूर्ण संपन्न होने पर संतोष व्यक्त किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें पाकिस्तान चुनाव में विपक्ष को 'बड़ी बढ़त'19 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तानी लोकतंत्र में कट्टरपंथी पार्टियाँ18 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में हिंसा के बीच धीमा मतदान18 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस चुनावी बिसात पर सिर उठाते सवाल17 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में अल्पसंख्यक वोट17 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में भी चुनाव के पहले फ़तवा17 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस पाक चुनाव में अमरीका की दिलचस्पी18 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस मतदान से पहले डर, तनाव और आशंकाएँ17 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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