|
पाकिस्तान में विपक्षी दलों को मज़बूती | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में चुनाव नतीजों के अनुसार राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को समर्थन देने वाली मुस्लिम लीग (क़ायदेआज़म) ने अपनी हार स्वीकार कर ली है. उधर दोनों विपक्षी दलों नवाज़ शरीफ़ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग और बेनज़ीर भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने बड़ी बढ़त हासिल कर ली है और अगर ये दोनों दल गठबंधन बना लेते हैं तो उन्हें संसद में इतना बहुमत मिल जाएगा जो राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को महाभियोग लगाकर हटाने के लिए काफ़ी होगा. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) का प्रदर्शन विशेष रूप से अच्छा रहा है क्योंकि उन्होंने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ से कभी समझौते की बात नहीं की. नतीजों के अनुसार राष्ट्रपति मुशर्रफ़ का समर्थन करने वाली पाकिस्तान मुस्लिम लीग (क़ायदे आजम) के कई बड़े नेताओं को हार का मुँह देखना पड़ा है. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ को समर्थन देने वाली पाकिस्तान मुस्लिम लीग (क़ायदे आज़म) के प्रवक्ता ने स्वीकार किया है कि विपक्षी दलों ने चुनावों में बढ़त हासिल कर ली है. पीएमएल-क्यू के प्रवक्ता तारीक़ अज़ीम ने कहा कि यदि शुरुआती नतीजों की पुष्टि होती है तो पार्टी विपक्ष की भूमिका निभाने को तैयार है. समाचार एजेंसी एएफ़पी के साथ बातचीत में तारिक़ अज़ीम ने कहा कि शुरुआती नतीजों में नवाज़ शरीफ़ और बेनज़ीर भुट्टो को 'बड़ी सफलता' हासिल हुई है. उनका कहना था ,''यदि नतीजों की पुष्टि होती है तो हम प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभाएँगे.'' दूसरी ओर विपक्षी पार्टियों के समर्थकों ने अभी से जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया है. नेशनल और प्रांतीय एसेंबलियों के लिए हुए चुनाव में वोटों की गिनती जारी है और उम्मीद की जा रही है कि अगले कुछ घंटों में नतीजे आ जाएँगे. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि बेनज़ीर भुट्टो के कुछ युवा समर्थक कराची की सड़कों पर जश्न मनाने में जुट गए हैं. उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी पीपुल्स पार्टी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) मुख्य राजनीतिक विपक्षी पार्टियाँ हैं.
परवेज़ मुशर्रफ़ के कई निकटतम सहयोगी चुनाव हार गए हैं. ख़बरों के अनुसार राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के शासन के दौरान प्रधानमंत्री रहे पाकिस्तान मुस्लिम लीग (क़ायदे आज़म) के चौधरी शुजात हुसैन नेशनल असेंबली का चुनाव हार गए हैं. मुशर्रफ़ के विश्वस्त और पूर्व मंत्री शेख़ रशीद अहमद रावलपिंडी सीट से हार गए हैं. चुनावी हिंसा ग़ौरतलब है कि सोमवार को शाम बजे मतदान पूरा हुआ था और मतदान के दौरान देश भर के अलग-अलग हिस्सों से हिंसा की ख़बरें आई थीं. ग़ैर आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक हिंसा में 10 से ज़्यादा लोग मारे गए थे. मतदान संसद के निचले सदन यानी नेशनल असेंबली की 272 सीटों और प्रांतीय असेंबलियों की 577 सीटों के लिए हुआ है.
परवेज़ मुशर्रफ़ के प्रवक्ता के मुताबिक रावलपिंडी में मतदान के बाद राष्ट्रपति ने कहा कि जो भी चुनाव में जीतेगा उसके साथ मिलकर काम किया जाएगा. मतदान के दौरान प्रांतीय असेंबली के लिए पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के उम्मीदवार चौधरी आसिफ़ अशरफ़ की गाड़ी को निशाना बनाकर हमला किया गया जिसमें उनकी मौत हो गई. हमले में उनके ड्राइवर और निजी सचिव भी मारे गए. एक अन्य घटना में लाहौर में ही पीएमएल (नवाज़) के चुनावी दफ़्तर पर अंधाधुंध फ़ायरिंग में एक व्यक्ति मारा गया. कड़े इंतज़ाम चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे. पूरे देश में लगभग 80 हज़ार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए.
कुल 7, 335 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं और करीब आठ करोड़ नौ लाख मतदाता वोट डालने के लिए पंजीकृत थे. पाकिस्तान के चुनावी इतिहास में पहली बार मतपेटियों को पारदर्शी बनाया गया. पिछले दिनों हुई हिंसा की घटनाओं के कारण इस ऐतिहासिक चुनाव में तनाव और डर का साया मंडराता रहा है. मतदान के दौरान धाँधली की आशंकाएँ भी जताई जाती रही हैं. ये चुनाव पहले आठ जनवरी को होने थे लेकिन 27 दिसंबर 2007 को एक रैली में पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के बाद चुनाव 18 फ़रवरी तक के लिए टाल दिए गए थे. दुनिया भर की नज़रें इस समय पाकिस्तान पर टिकी हुई हैं. चुनावों का जायज़ा लेने के लिए दुनिया भर से क़रीब सौ पर्यवेक्षक और पत्रकार पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में पहुँचे हुए हैं. |
इससे जुड़ी ख़बरें पाकिस्तान में वोटों की गिनती जारी18 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में हिंसा के बीच धीमा मतदान18 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस ज़रदारी ने की शांति की अपील16 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस पीपीपी कार्यालय के पास धमाका, 37 मरे16 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस 'चुनाव में धांधली हुई तो भारी विरोध'15 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस पाक चुनाव : धाँधली का विवाद15 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस 'मुशर्रफ़ जाएँ तो स्थिति बेहतर होगी'14 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान चुनावः कुछ अहम सवालों के जवाब16 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||