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भारत और फ़्रांस के बीच कई समझौते | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और फ़्रांस ने शुक्रवार को दिल्ली में व्यापार, रक्षा, परमाणु सहयोग और शिक्षा के क्षेत्रों में परस्पर सहयोग के अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं. ऐसा फ्रांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी की भारत यात्रा के दौरान हुआ है. समझौतों की घोषणा भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में की है. रक्षा और व्यापार के क्षेत्र में समझौतों के साथ ही दोनों देशों के बीच असैनिक मकसदों के लिए परमाणु सहयोग के मुद्दे पर भी समझौता हुआ है. लेकिन इसके लागू होने से पहले फ़्रांस अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी से इजाज़त का इंतज़ार करेगा. साथ ही फ्रांस ने भारत और अमरीका के बीच परमाणु क़रार को अपना समर्थन देने की बात कही और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का समर्थन भी किया. फ्रांस चाहता है कि भारत को जी-8 में भी शामिल किया जाए. दो दिनों की भारत यात्रा पर आए सार्कोज़ी ने कहा है कि फ्रांस भारत के साथ कूटनीतिक संबंधों को मज़बूत करना चाहता है.
सार्कोज़ी शुक्रवार की सुबह दिल्ली पहुँचे थे. वो 26 जनवरी को भारतीय गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के तौर पर आए हैं. समारोह में हिस्सा लेने के साथ-साथ ही दोनों देशों के बीच ये अहम समझौते हुए हैं. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सार्कोज़ी के साथ बातचीत के बाद कहा कि दोनों देश आतंकवाद की समस्या से निपटने के मुद्दे पर सहमत हुए हैं और इस दिशा में सूचनाओं के आदान-प्रदान जैसे मुद्दों पर एक-दूसरे की मदद करेंगे. परस्पर सहयोग दोनों देशों के बीच समझौतों के बारे में बोलते हुए भारत के प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और नागरिक उपयोग के लिए परमाणु ऊर्जा सहयोग के मुद्दे पर सहमति बनी है.
मनमोहन सिंह ने बताया कि फ्रांस राजधानी पेरिस में भारतीय सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना को स्वीकृति दे दी है. इसके अलावा अब भारत से ज़्यादा बड़ी तादाद में विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए फ्रांस जा सकेंगे. प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश तकनीक आदान-प्रदान, आयात-निर्यात को बढ़ावा, संयुक्त शोधों और सामरिक सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमत हुए हैं. भारत के प्रधानमंत्री को सार्कोज़ी की ओर से फ्रांस में होने वाली अगली यूरोपीय संघ की बैठक में हिस्सा लेने का न्यौता भी मिला जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है. सार्कोज़ी के साथ उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगियों और फ़्रांस के औद्योगिक व व्यावसायिक समूहों के अधिकारियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी आया हुआ है. |
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