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सार्कोज़ी होंगे फ़्रांस के नए राष्ट्रपति | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दक्षिणपंथी उम्मीदवार निकोलस सार्कोज़ी फ़्रांस के नए राष्ट्रपति होंगे. अपनी जीत के बाद उन्होंने देश की एकता और बड़े पैमाने पर सुधार का वादा किया है. उन्हें 53 फ़ीसदी मत हासिल हुए. उनके ख़िलाफ़ चुनाव लड़ीं समाजवादी उम्मीदवार सीगोलें रोयाल ने अपनी हार स्वीकार कर ली है. रोयाल को सार्कोज़ी से लगभग छह प्रतिशत कम मत मिले. सार्कोज़ी 12 वर्षों तक राष्ट्रपति रहे ज्याक शिराक की जगह लेंगे. अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि फ़्रांस ने उन्हें सब कुछ दिया है और वो देश के लिए सब कुछ करने के लिए तैयार रहेंगे. उन्होंने कहा कि फ़्रांस के लोग इतिहास में नया अध्याय लिखने के लिए तैयार हैं. उन्होंने एकता और भाईचारे की भावना से काम करने का वादा किया. उल्लेखनीय है कि सार्कोज़ी हंगरी के एक अप्रवासी के बेटे हैं. उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार रोयाल की भी प्रशंसा की और कहा कि अनेक लोगों ने उनके पक्ष में भी मत दिया. सार्कोज़ी ने कहा कि फ़्रांस यूरोप में है लेकिन अमरीका उसके साथ मित्रतापूर्ण संबंधों का भरोसा रख सकता है. उन्होंने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर और ध्यान देने और महिलाओं व शोषितों को और अधिकार देने की बात कही. मुबारकबाद सार्कोज़ी को उनकी जीत पर कई देशों के प्रमुखों ने मुबारकबाद दी है.
यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जोज़े मैनुएल बरोज़ो ने कहा कि सार्कोज़ी यूरोपीय संघ में सुधारों की प्रक्रिया को तेज़ी प्रदान करेंगे. जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा कि उम्मीद है कि सार्कोज़ी फ़्रांस-जर्मन संबंधों को मजबूती प्रदान करेंगे. वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश सार्कोज़ी के साथ मिलकर काम करने के उत्सुक हैं. रिकॉर्ड मतदान फ़्रांस में इन चुनावों में रिकॉर्ड 85 प्रतिशत मतदान हुआ. एक अनुमान के मुताबिक सार्कोज़ी को 53 प्रतिशत वोट मिले जबकि रोयाल को लगभग 47 प्रतिशत वोट मिले. इस तरह फ़्रांस की पहली महिला राष्ट्रपति बनने का रोयाल का सपना पूरा नहीं हो सका. इस चुनाव में सामाजिक सुरक्षा में सुधार, पेंशन, युवाओं के मुद्दे प्रमुख थे. दोनों उम्मीदवारों ने मतदाताओं को लुभाने में कोई क़सर नहीं छोड़ी और इसे फ़्रांस के लोकतांत्रिक इतिहास के दिलचस्प चुनाव के रूप में याद किया जाएगा. दोनों उम्मीदवारों के जमकर चुनाव प्रचार किया था और मतदाताओं ने भी पूरे उत्साह से चुनाव में हिस्सा लिया. | इससे जुड़ी ख़बरें फ्रांस में राष्ट्रपति पद के लिए मतदान22 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना शिराक नहीं लड़ेंगे राष्ट्रपति का चुनाव11 मार्च, 2007 | पहला पन्ना ईरान पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ हैं शिराक18 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना फ़्रांस में आप्रवासियों का प्रवेश कठिन17 मई, 2006 | पहला पन्ना रोज़गार क़ानून वापस लेने की घोषणा10 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना पूर्व फ़्रांसीसी मंत्री जाँच के दायरे में07 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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