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धूम है माया के जन्मदिन की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती का 52वाँ जन्मदिन मंगलवार को धूमधाम से मनाया जा रहा है. मुख्यमंत्री के जन्मदिन के लिए राज्य में विशेष इंतज़ाम किए गए हैं. इस अवसर पर मायावती दिल्ली भी आने वाली हैं जहां वो एक पुस्तक का विमोचन भी करेंगी. यह पुस्तक उन्हीं के जीवन पर लिखी गई है. बसपा इस दिन को ‘आर्थिक सहयोग दिवस’ के रूप में मना रही है और कार्यकर्ताओं से पार्टी को आर्थिक सहयोग देने को कहा गया है. ख़बरों के अनुसार राजधानी लखनऊ पार्टी के नीले रंग के झंडों से पटा पड़ा है. लखनऊ के प्रेरणा स्थल, परिवर्तन चौक और अंबेडकर स्थल पर सजावट के विशेष इंतज़ाम किए गए हैं. हालांकि मायावती ने अपना जन्मदिन सादगी से मनाने का ऐलान किया था. कुछ दिनों पहले मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा था कि वे उनका जन्मदिन ग़रीबों और ज़रूरतमंदों की मदद करके मनाएं. उन्होंने घोषणा की थी कि इस बार उनके जन्मदिन पर कोई बड़ा आयोजन नहीं किया जाएगा. कार्यक्रम के अनुसार मायावती अपने 52वें जन्मदिन के मौके पर बलिया से नोएडा तक बनने वाले एक हजार किलोमीटर के ‘गंगा एक्सप्रेस वे’ सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगी. साथ ही राज्य के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में परंपरागत रूप से केक काटा जाएगा और बसपा कार्यकर्ता जनता को राज्य सरकार की उपलब्धियों के बारे में जानकारी देंगे. विपक्षी दलों ने जन्मदिन आयोजन का विरोध किया है. समाजवादी पार्टी धन इकट्ठा करने के ख़िलाफ़ अभियान छेड़े हुए है तो दूसरी ओर कांग्रेस ने 'आर्थिक भेंट' लेने की संस्कृति की आलोचना की है. उत्तरप्रदेश के प्रभारी कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि आर्थिक भेंट लेने की बजाए मायावती को दलितों और पिछड़ों के विकास के लिए काम करना चाहिए. भाजपा के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि पार्टी नेता का जन्मदिन मनाना एक निजी कार्यक्रम होता है लेकिन इसमें सरकारी धन का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. |
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