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मायावती ने लगाए कांग्रेस पर आरोप | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस पार्टी के कुछ नेता ऐसे 'माफ़ियाओं' को संरक्षण दे रहे हैं जो उनकी हत्या करना चाहते हैं. बसपा अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि ताज़ा स्थितियों के बाद उनकी पार्टी केंद्र की कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार से समर्थन वापसी के बारे में 15 जनवरी के बाद फैसला करेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि फूलपुर संसदीय क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद अतीक़ अहमद को कांग्रेस के कुछ नेता दिल्ली में शरण दे रहे हैं.
उधर कांग्रेस की इन आरोपों पर सधी हुई प्रतिक्रिया आई है. पार्टी के प्रवक्ता जयंती नटराजन ने कहा, " आरोप निराधार है, तथ्यों के विपरीत. अगर मायावती जी को अपनी जीवन पर खतरा लगता है तो उनकी सुरक्षा में यथोचित वृद्धि की जानी चाहिए." समर्थन वापसी की बात पर नटराजन बोलीं की ये सुश्री मायावती का जनतांत्रिक अधिकार है. अतीक़ अहमद इन दिनों फ़रार घोषित हैं और पुलिस को उनकी तलाश है. मायावती ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "माफ़िया अतीक़ अहमद कई बरसों से मुझे मारने की साजिश में लगा हुआ है और आतंकवाद की आड़ में कुछ भी कर सकता है. इन्हीं कारणों से उत्तर प्रदेश सरकार ने मुझे एसपीजी सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है." मायावती ने सीधे निशाना साधते हुए कहा, "कांग्रेस चाहती है कि उसके रास्ते का सबसे बड़ा राजनीतिक रोड़ा हट जाए. अगर मेरे साथ कोई अनहोनी हो जाती है तो इसकी ज़िम्मेदार कांग्रेस पार्टी होगी." हालांकि मायावती ने कांग्रेस के ऐसे नेताओं का नाम बताने से मना कर दिया और कहा कि वक़्त आने पर वह ये नाम स्पष्ट करेंगी. आरोप उन्होंने कहा कि केंद्र में पिछली भाजपा नेतृत्व वाली सरकार की तरह यह सरकार भी उनको ग़लत मामलों में फंसाने की कोशिश कर रही है और इसी कारण सरकार सीबीआई को उनके ख़िलाफ़ आय से अधिक संपत्ति के मामले में अंतिम रिपोर्ट जमा नहीं कराने दे रही है.
मायावती मानती हैं की ऐसा उन पर राजनितिक दवाब बनने के लिए कर जा रहा है. उनका दावा है कि जिन लोगों ने उन्हें कुछ उपहार दिए थे, सीबीआई उन लोगों को भी डरा-धमका रही है और उनके ख़िलाफ़ बयान लेने की कोशिश कर रही है. उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री ने आंतरिक सुरक्षा में ढिलाई के लिए भी केंद्र सरकार को दोषी ठहराया है. इसके अलावा मायावती ने दिल्ली सरकार के अन्य सामान्य नागरिकों को पहचान पत्र साथ रखने के आदेश की भी निंदा की है और प्रधानमंत्री को एक पत्र भी लिखा है. मायावती के इस ताज़ा राजनीतिक पैतरे से राजनीतिक गलियारों में कुछ हलचल शुरू हो गई है क्योंकि पिछले वर्ष मायावती ने खुलकर कांग्रेस का समर्थन किया था और राष्ट्रपति चुनावों में यूपीए प्रत्याशियों को इसका लाभ भी मिला था. | इससे जुड़ी ख़बरें मायावती की नज़र अब दिल्ली पर16 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस ताज कॉरिडोर मामले में याचिका ख़ारिज10 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस उत्तर प्रदेश में 7400 पुलिसकर्मी बर्ख़ास्त30 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस मायावती ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी27 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस क़ानून-व्यवस्था के लिए 'अनोखी' पहल22 जून, 2007 | भारत और पड़ोस राष्ट्रपति चुनाव में मायावती यूपीए के साथ12 जून, 2007 | भारत और पड़ोस नए निज़ाम के दरबार में पुराने दरबारी25 मई, 2007 | भारत और पड़ोस मायावती ने की सोनिया से मुलाक़ात25 मई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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