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चुनाव के लिए तैयार रहें: मायावती | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की पहली बरसी पर लखनऊ में एक विशाल रैली आयोजित की. इसमें उन्होंने पार्टी समर्थकों को अगले लोकसभा चुनावों की तैयारी में जुट जाने के लिए कहा. मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने लक्ष्य रखा कि केंद्र में अपनी सरकार बनानी है. साथ ही मायावती ने अचानक यह कहकर चौंका दिया कि यदि केंद्र सरकार तैयार हो तो वे उत्तर प्रदेश को तीन छोटे छोटे राज्यों में विभाजित कराने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव को विधानसभा में पारित कराने के लिए तैयार हैं. मायावती ने डेढ़ घंटे लंबे भाषण में बार बार कहा कि अगर केंद्र में उनकी सरकार बनती है तो दलितों और सर्वसमाज का विकास हो पाएगा. केंद्र पर निशाना उन्होंने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि केंद्र की मनमोहन सरकार उत्तर प्रदेश को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के मामले में मदद नहीं कर रही है.
इससे संकेत मिल रहा है कि मायावती अपने लोगों को बताने में लगी हुई हैं कि यदि विकास चाहिए तो दिल्ली की गद्दी तक पहुँचना ज़रूरी है. भाषण के दौरान मायावती ने विरोधी दलों और मीडिया के साथ साथ न्यायपालिका पर भी कटाक्ष किए. उनके भाषण की ख़ास बात ये रही कि एक विशाल जनसमूह के सामने होने के बावजूद मायावती ने अधिकांश समय सफ़ाई देने में लगाया जिससे ऐसा लगा कि वो विपक्ष के हमलों से बचाव की मुद्रा में हैं. कई योजनाओं की घोषणा इसके पहले मायावती ने बसपा संस्थापक कांशीराम की याद में करोड़ों रुपए की एक दर्जन योजनाओं की घोषणा की और कहा कि इन योजनाओं पर काम जल्दी शुरू हो जाएगा. इसमें स्कूल, आवासीय योजना और अस्पताल से लेकर तकनीकी संस्थान खोलने तक की कोई दस योजनाएँ शामिल हैं. कई राजनीतिक विश्लेषकों को लगता है कि मायावती अपने दिवंगत नेता कांशीराम को बीआर अंबेडकर के समकक्ष खड़ा करना चाहती हैं. जबकि कुछ लोग इसे लोकसभा चुनाव की तैयारी के रुप में देख रहे हैं. इस रैली के लिए करोड़ रुपए खर्च करके एक नया मैदान तैयार किया गया था. हवाई अड्डे के पास तैयार किए गए इस मैदान को रमाबाई अंबेडकर मैदान का नाम दिया गया है. |
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