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परमाणु समझौते पर वियना में बैठक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विवादों में घिरे भारत-अमरीका परमाणु समझौते पर वियना में भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी आईएईए के प्रतिनिधियों के साथ बुधवार को बातचीत कर रही है. संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वामपंथी मोर्चे के विरोध के कारण यह समझौता अटका पड़ा है. वामपंथी दलों का कहना है कि इस समझौते के लागू होने से भारत की विदेश नीति पर व्यापक प्रभाव होंगे और भारत की कूटनीतिक-सामरिक स्वतंत्रता कम होगी. जबकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समझौते को ऐतिहासिक करार देते हुए कई बार कह चुके हैं कि इस समझौते से अमरीकी परमाणु तकनीकी तक पहुँचने में भारत को मदद मिलेगी. नई ज़िंदगी वामपंथी दल काफ़ी विरोध करने के बाद आख़िरकार मंगलवार को आईएईए के साथ सरकार की बात-चीत के लिए राजी हो गए थे. वियाना में समझौते के ऊपर पड़ी गर्द को साफ़ करने का मौका मिलेगा और समझौते की शर्तों और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर स्पष्ट रूप से चर्चा होगी. माना जा रहा है कि इस बातचीत से समझौते को एक नई ज़िंदगी मिलेगी. लेकिन इतने भर से बात बनती हुई नहीं दिखती है. सवाल है कि वामपंथी दल किस बात को लेकर इस समझौते का विरोध कर रहे हैं? मुख्य रूप से वाम दलों का कहना है कि इस समझौते से भारत की संप्रभुता को ख़तरा है. साथ ही भारत को अमरीकी परमाणु तकनीकी की जो जानकारी मिलेगी उसकी बहुत ज्यादा क़ीमत भरनी होगी. अमरीकी सरकार की समितियों को भारत सरकार की नीतियों की जाँच-पड़ताल की भी छूट होगी. वे जब चाहेंगे तब परमाणु तकनीकी की आपूर्ति रोक सकते हैं. समझौते के विरोधियों का कहना है कि भले ही इस बात का ज़िक्र नही हो लेकिन इस समझौते के बाद भारत यदि भविष्य में कभी परमाणु परीक्षण करता है तो यह समझौता ख़त्म रद्द हो सकता है. भारत ने परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर नहीं किया है. इस समझौते के अंतिम प्रारुप पर अमरीकी कांग्रेस की मंज़ूरी भी ज़रूरी है. लेकिन जैसे-जैसे अमरीका में आम चुनाव नज़दीक आता जा रहा है बुश प्रशासन के लिए इस विवादास्पद समझौते को मंज़ूरी देना आसान नहीं होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें 'कार्यकाल पूरा न होने का कारण नहीं'31 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर पुनर्विचार की माँग07 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पाक के परमाणु हथियारों पर अमरीका चिंतित07 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर संसद में चर्चा होगी10 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'आईएईए के साथ चर्चा पर हरी झंडी'13 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते के समर्थन में पत्र14 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस यूपीए-वामदलों की बैठक फिर15 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस आईएईए से बातचीत को हरी झंडी 16 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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