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परमाणु समझौते पर संसद में चर्चा होगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमरीका के साथ परमाणु समझौते के मुद्दे पर वाम दलों से विचार विमर्श किया है. इस मुद्दे पर संसद के शीतकालीन सत्र में चर्चा होगी. मनमोहन सिंह ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के नेता एबी बर्धन और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के महासचिव प्रकाश कारत से शनिवार को मुलाक़ात की. रविवार से प्रधानमंत्री की रूस यात्रा और आगामी संसद सत्र के मद्देनज़र यह मुलाक़ात काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक बैठक में सहमति बनी कि संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराई जाएगी. संसद के पिछले सत्र में प्रधानमंत्री ने परमाणु समझौते पर एक बयान दिया था और शीतकालीन सत्र में उसी के आधार पर चर्चा होगी. इससे कुछ ही समय पहले विदेशमंत्री प्रणव मुखर्जी ने परमाणु समझौते पर वामदलों और यूपीए की समिति की 16 नवंबर को प्रस्तावित बैठक स्थगित करने की घोषणा की थी. स्थगन का कोई कारण नहीं बताया गया है. बैठक के दौरान यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी भी उपस्थित थे. इसमें फ़ैसला लिया गया कि परमाणु समझौते पर चर्चा के लिए गठित यूपीए-वाम समिति की अगली बैठक जल्दी से जल्दी बुलाई जाएगी. इस समिति की पांच बैठकें हो चुकी हैं लेकिन कांग्रेस और वामदलों में परमाणु समझौते पर कोई सहमति नहीं बनी है. कांग्रेस समझौते को देशहित में बता रही है तो वामदलों का कहना है कि यह देश की परमाणु स्वायत्तता और सुरक्षा के हित में नहीं है. परमाणु ऊर्जा ज़रूरी इस बीच विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने रक्षा अध्ययन और अनुसंधान संस्थान में आयोजित एक कार्यक्रम में परमाणु ऊर्जा को देश के आर्थिक विकास के लिए ज़रूरी बताया है. उनका कहना था, "दुर्भाग्य से हम अपनी ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए सिर्फ़ हाइड्रोकार्बन पर निर्भर हैं. हमें बहुआयामी रणनीति बनाने की आवश्यकता है जिसमें परमाणु ऊर्जा भी एक है." प्रणव मुखर्जी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय धरातल पर सफल होने और अपने आपको सुरक्षित रखने के लिए मज़बूत रक्षा प्रणाली के अलावा सुदृढ़ अर्थव्यवस्था की ज़रूरत है. | इससे जुड़ी ख़बरें परमाणु समझौते पर पुनर्विचार की माँग07 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'कार्यकाल पूरा न होने का कारण नहीं'31 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस वामपंथी और तीसरा मोर्चा एकजुट हुआ25 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'इस्तीफ़ा माँगने का हक़ नहीं भाजपा को'18 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस यह भारत का आंतरिक मामला है: अमरीका16 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'समझौते पर 2008 तक अमल हो जाए'16 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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