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यूपीए-वामदलों की बैठक फिर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत-अमरीका परमाणु समझौते पर चर्चा के लिए गठित केंद्र की यूपीए सरकार और वामदलों की समिति की एक और बैठक शुक्रवार को होने जा रही है. यह इस समिति की छठवीं बैठक होगी. इससे पहले पाँच बैठकें हो चुकी हैं लेकिन समझौते पर सहमति के कोई आसार दिखाई नहीं दिए थे. छठवीं बैठक ऐसे समय में होने जा रही है जब ख़बरें आ रही हैं कि वामदलों ने यूपीए सरकार को समझौते पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) से बात करने की अनुमति दे दी है. हालांकि 16 नवंबर को बैठक होना पहले ही तय किया जा चुका था लेकिन 15 नवंबर से संसद का सत्र शुरु होने के बाद माना जा रहा था कि इस बैठक की तारीख़ बदल जाएगी. लेकिन समाचार एजेंसी यूएनआई के अनुसार इस समिति के संयोजक और भारत के विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि समिति की बैठक 16 नवंबर को ही होगी. प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि इस बैठक में परमाणु समझौते पर सहमति बनाने में सफलता मिलेगी. उधर वाममोर्चा में शामिल फ़ॉर्वर्ड ब्लॉक के नेता देबब्रत बिश्वास ने बीबीसी से हुई बातचीत में कहा है कि यह तय है कि वामपंथी दल किसी भी सूरत में 123 समझौते का समर्थन नहीं करेंगे. उनका कहना था कि शुक्रवार की बैठक में यह तय होगा कि यदि सरकार आईएईए में जाती है तो वहाँ किस तरह की बातचीत की जानी चाहिए. उनका कहना था कि आईएईए से बातचीत के बाद भी समझौते को रोका जा सकता है. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि यह कहना ग़लत है कि आईएईए में बात करने के लिए समहति जताने का नंदीग्राम की हिंसा से कोई लेना देना है. | इससे जुड़ी ख़बरें शीतकालीन सत्र के गर्म रहने के आसार14 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'आईएईए के साथ चर्चा पर हरी झंडी'13 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर संसद में चर्चा होगी10 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'सार्थक सहमति बनाने की कोशिशें जारी'17 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस बयानों में नरमी से वामपंथी उत्साहित12 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'परमाणु समझौता हितों के ख़िलाफ़'08 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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