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विवादों के बीच अल बारादई की यात्रा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के साथ परमाणु समझौते पर वामपंथी दलों के विरोध के बीच अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद अल बारादेई भारत की यात्रा पर हैं. वो सोमवार को मुंबई पहुँचे और मंगलवार को वो भारतीय परमाणु ऊर्जा विभाग के अधिकारियों से मुलाक़ात करेंगे. उन्होंने मंगलवार को भारतीय परमाणु आयोग के प्रमुख अनिल काकोदकर से भी मुलाक़ात की. समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार भारतीय ऊर्जा विभाग के प्रवक्ता एसके मल्होत्रा का कहना था कि मोहम्मद अल बारादेई अपनी भारत यात्रा के दौरान भारतीय परमाणु ठिकानों का भी दौरा करेंगे. बुधवार को वे दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अन्य भारतीय अधिकारियों से मुलाक़ात करेंगे. हालांकि बातचीत के इन दौर को अनौपचारिक ही बताया जा रहा है. आपत्ति दूसरी ओर वामपंथी दलों ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) से आगे की बातचीत को लेकर अल्टीमेटम दे दिया है. सीपीआई महासचिव एबी बर्धन ने बीबीसी से हुई बातचीत में कहा है कि सरकार आईएईए से अनौपचारिक बात करती है तो वामपंथी दलों को कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने कहा, " यदि अल बारादेई अपनी तकनीकी टीम लेकर बैठे और भारत सरकार अपने परमाणु विशेषज्ञों के साथ उनसे बातचीत करती है तो दिक्कत होगी." उन्होंने कहा कि मतभेदों को दूर करने के लिए समिति बनी है और जब तक समिति में बातचीत चल रही है, मतभेद दूर होने की संभावना बनी हुई है. हालांकि इस समिति की अब तक की बैठकों में मतभेद कम होने का कोई संकेत नहीं मिला है. |
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