|
आईएईए को बातचीत का इंतज़ार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने कहा है कि वह परमाणु समझौते पर भारत सरकार के साथ विचार-विमर्श की प्रक्रिया शुरू करने का इंतज़ार कर रही है. आईएईए के प्रमुख मोहम्मद अल बारादेई ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एजेंसी इस बात का इंतज़ार कर रही है कि भारतीय प्रशासन सुरक्षा मापदंडों पर बातचीत के लिए आगे आए. मोहम्मद अल बारादेई ने कहा कि अभी तक भारत ने हमसे संपर्क नहीं किया है. भारत-अमरीका परमाणु क़रार पर उनका कहना था कि यह अच्छा है और सही दिशा में उठाया गया क़दम है. भारतीय प्रतिनिधि इधर भारतीय परमाणु ऊर्जा आयोग के चेयरमैन अनिल काकोदकर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की सालाना बैठक में हिस्सा ले रहे हैं. आईएईए की वार्ताओं के दौरान काकोदकर 19 सितंबर को बैठक को संबोधित करने वाले हैं. वैसे तो भारत की ओर से आईएईए की बैठक में हिस्सा लेने हर साल प्रतिनिधि जाते हैं लेकिन भारत और अमरीका के बीच हुए परमाणु समझौते पर विवाद को देखते हुए काकोदकर की इस यात्रा को काफ़ी महत्व दिया जा रहा है. अभी ये स्पष्ट नहीं है कि काकोदकर अपनी यात्रा के दौरान भारत अमरीका परमाणु समझौते से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे या नहीं. उल्लेखनीय है कि घरेलू स्तर पर भारत अमरीका परमाणु संधि का विरोध हो रहा है और सरकार की सहयोगी वाम दलों की चिंताओं पर चर्चा के लिए समिति का गठन किया गया है. वाम दलों की मांग रही है कि जब तक उनकी चिंताओं का निराकरण नहीं हो जाता तब तक परमाणु समझौते को लागू करने की दिशा में कोई क़दम न उठाया जाए और न ही आईएईए से वार्ता की जाए. | इससे जुड़ी ख़बरें काकोदकर आईएईए की बैठक में शामिल 17 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस विपक्षी दलों के हंगामे से संसद ठप्प05 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर संसद में हंगामा06 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस सीपीएम ने लिखा सांसदों को खुला पत्र07 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु मसला: समिति की पहली बैठक11 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर बातचीत के मुद्दे तय11 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'परमाणु समझौते पर समयसीमा तय करेंगे'15 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||