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काकोदकर आईएईए की बैठक में शामिल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय परमाणु ऊर्जा आयोग के चेयरमैन अनिल काकोदकर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की सालाना बैठक में हिस्सा ले रहे हैं. आईएईए की वार्ताओं के दौरान काकोदकर 19 सितंबर को बैठक को संबोधित करने वाले हैं. यूँ तो भारत की ओर से आईएईए की बैठक में हिस्सा लेने हर साल प्रतिनिधि जाते हैं लेकिन भारत और अमरीका के बीच हुए परमाणु समझौते पर विवाद को देखते हुए काकोदकर की इस यात्रा को काफी महत्व दिया जा रहा है. अभी ये स्पष्ट नहीं है कि काकोदकर अपनी यात्रा के दौरान भारत अमरीका परमाणु समझौते से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे या नहीं. समझौते के तहत भारत को आईएईए से विशेष रियायतों के लिए वार्ताएं करनी है. उल्लेखनीय है कि घरेलू स्तर पर भारत अमरीका परमाणु संधि का विरोध हो रहा है और सरकार की सहयोगी वाम दलों की चिंताओं पर चर्चा के लिए समिति का गठन किया गया है. वाम दलों की मांग रही है कि जब तक उनकी चिंताओं का निराकरण नहीं हो जाता तब तक परमाणु समझौते को लागू करने की दिशा में कोई क़दम न उठाया जाए और न ही आईएईए से वार्ताएं की जाएं. संवाद समिति पीटीआई ने काकोदकर की यात्रा के बारे में उनके एक सहयोगी के हवाले से कहा है कि यह एक रुटीन यात्रा है. हालांकि पीटीआई के अनुसार सरकारी सूत्रों ने कहा है कि काकोदकर को परमाणु समझौते के बारे में बात करनी होगी अगर सम्मेलन के वैज्ञानिक फोरम की बैठक में यह मुद्दा उठाया जाता है. काकोदकर के अलावा भाभा परमाणु शोध केंद्र के निदेशक एस बनर्जी और परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड के चेयरमैन एस के शर्मा भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें विपक्षी दलों के हंगामे से संसद ठप्प05 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर संसद में हंगामा06 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस सीपीएम ने लिखा सांसदों को खुला पत्र07 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर संसद फिर ठप्प10 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु मसला: समिति की पहली बैठक11 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर बातचीत के मुद्दे तय11 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'परमाणु समझौते पर समयसीमा तय करेंगे'15 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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