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सीपीएम ने लिखा सांसदों को खुला पत्र | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने परमाणु समझौते के ख़िलाफ़ अपने अभियान का दायरा बढ़ाते हुए सभी दलों के सांसदों को खुला पत्र भेजा है. इस पत्र में सीपीएम ने सरकार से कहा है कि वह अमरीका के साथ हुए परमाणु समझौते को लागू करने की दिशा में बढ़ने की हड़बड़ी न दिखाए. सीपीएम ने इस तरह के सभी क़रारों के लिए संसद से मंज़ूरी ज़रुरी होनी चाहिए. उल्लेखनीय है कि यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वामपंथी दल अमरीका के साथ हुए परमाणु समझौते का विरोध कर रहे हैं और सरकार को चेतावनी दे चुके हैं कि वह इस समझौते पर फ़िलहाल आगे न बढ़े. सरकार की ओर से वामदलों की आशँकाओं को दूर करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है. उधर संसद में इस मुद्दे पर हंगामा हो रहा है क्योंकि भाजपा सहित कई विपक्षी दल इस समझौते पर संयुक्त संसदीय दल के गठन की माँग कर रहे हैं. खुला पत्र सीपीएम की सेंट्रल कमेटी की ओर से सभी सांसदों को चार पृष्ठ का एक खुला पत्र भेजा गया है. इस पत्र में कहा गया है, "समझौते पर आगे बढ़ने से पहले उन आपत्तियों और आशंकाओं की ओर ध्यान दिया जाना चाहिए जो वामपंथी दलों, दूसरे संगठनों, चिंतित वैज्ञानिकों और नागरिकों ने खड़े किए हैं." इस पत्र में सीपीएम ने लिखा है, "यह सुनिश्चित करना ज़रुरी है कि सभी अंतरराष्ट्रीय समझौते और संधियाँ और महत्वपूर्ण द्विपक्षीय समझौतों की मंज़ूरी संसंद से लेना ज़रुरी हो, जैसा कि कई देशों में होता है." सीपीएम का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय और दूसरे महत्वपूर्ण समझौतों का समय सरकारों के कार्यकाल से बड़ा होता है इसलिए संसद को महत्व दिया जाना चाहिए. पार्टी ने अपने पत्र में कई सवाल उठाए हैं और सरकार के उस दावे को ख़ारिज कर दिया है जिसमें कहा गया है कि हाइड एक्ट भारत के लिए बाध्यकारी नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें परमाणु समझौते पर संसद में हंगामा06 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस विपक्षी दलों के हंगामे से संसद ठप्प05 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नौसैनिक अभ्यास के ख़िलाफ़ 'जत्था'04 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर समिति गठित04 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'परमाणु मामले पर संसदीय समिति नहीं'31 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस मुख्यधारा और वामपंथियों के सरोकार25 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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