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परमाणु मसला: समिति की पहली बैठक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और अमरीका के बीच परमाणु समझौते के मुद्दे पर यूपीए और वाम दलों की 15 सदस्यीय समिति की मंगलवार को पहली बैठक होने वाली है. इस समिति का गठन परमाणु समझौते पर वाम दलों की आपत्तियों पर चर्चा के लिए किया गया है जिसके संयोजक प्रणब मुखर्जी हैं. वाम दल लगातार अमरीका के साथ किए गए परमाणु समझौते का विरोध करते रहे हैं और समिति के गठन के बाद भी उनके रवैये में कोई नरमी नहीं आई है. समिति की पहली बैठक से पहले सोमवार को दिल्ली में एक राजनीतिक सम्मेलन में सीपीएम महासचिव प्रकाश कारत ने कहा कि कोई भी उन्हें इस बात के लिए राज़ी नहीं कर सकता कि अमरीका प्रशासन के हाईड अधिनियम का असर भारत के साथ किए गए 123 समझौते पर नहीं पड़ेगा. वाम दलों का कहना है कि परमाणु समझौते के ज़रिए भारत अमरीका की सामरिक रणनीति का हिस्सा बन रहा है. समिति को इस विषय पर भी चर्चा करनी है और फ़ैसला लेना है कि सरकार को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी और न्यूकलियर्स सप्लायर्स ग्रुप के साथ 123 समझौते से जुड़े मामलों पर भी बातचीत करनी है या नहीं. उल्लेखनीय है कि 14 सितंबर को भारतीय परमाणु ऊर्जा विभाग के प्रमुख अनिल काकोदकर विएना जा रहे हैं जहां आईएईए की बैठक में हिस्सा लेने वाले हैं. वाम दलों का कहना है कि जब तक उनकी चिंताओं का निराकरण नहीं हो जाता और समिति अपनी रिपोर्ट नहीं दे देती तब तक आईएईए के साथ बातचीत स्थगित होनी चाहिए. जानकार मानते हैं कि अगर भारत ने ऐसा किया तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी साख ख़राब हो सकती है. अब समिति के सदस्यों के सामने ये चुनौती है कि किस तरह विदेश नीति और सुरक्षा से जुड़े एक मुद्दे पर घरेलू राजनीति का असर न पड़ने दिया जाए. | इससे जुड़ी ख़बरें परमाणु समझौते पर आज अहम बैठक30 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस राज्यसभा में परमाणु समझौते पर चर्चा 05 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस सीपीएम ने लिखा सांसदों को खुला पत्र07 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर समिति गठित04 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस वाम दलों ने फिर सरकार को चेताया02 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु संधि पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन30 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर समिति गठित होगी30 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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