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परमाणु समझौते पर आज अहम बैठक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार (यूपीए) और वामपंथी दलों के बीच गुरुवार को संभावित बैठक में परमाणु समझौते को लेकर कोई ठोस रास्ता निकलने की उम्मीद की जा रही है. इस विषय पर बुधवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गाँधी, विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी और रक्षामंत्री एके एंटनी ने चर्चा की है. वामपंथी दल एक ऐसी समिति के गठन की मांग कर रहे हैं जिसमें दोनों पक्ष के लोग हों और इस समिति की रिपोर्ट के आने से पहले सरकार अमरीका के साथ परमाणु समझौते पर आगे न बढ़े. संभावना है कि गुरुवार को होने वाली बैठक में इस समिति के गठन और इसकी कार्यप्रणाली पर ठोस चर्चा हो. हालांकि सरकार ने ऐसी किसी समिति के गठन के लिए हामी नहीं भरी है लेकिन वामपंथी नेता मान रहे हैं कि बैठक में सरकार इस बारे में अपने निर्णय से अवगत करवाएगी. समाचार एजेंसी पीटीआई ने सीपीएम नेता सीताराम येचुरी के हवाले से कहा है, "संभावना है कि सरकार के निर्णय से गुरुवार को हमें औपचारिक रुप से अवगत करवाया जाएगा." तीन वामपंथी दल सीपीएम, सीपीआई और फॉरवर्ड ब्लॉक कह चुके हैं कि वे ऐसी किसी समिति के गठन होने की स्थिति में उसमें शामिल होने के लिए तैयार हैं. अभी सिर्फ़ आरएसपी ने स्वीकृति नहीं दी है लेकिन माना जा रहा है कि वह भी इसके लिए राज़ी हो जाएगा. सरकार चाहती है कि पाँच और छह सितंबर को संसद में परमाणु समझौते पर होने वाली चर्चा से पहले कोई रास्ता निकाल लिया जाए. एक संयुक्त समिति के गठन को इसके रास्ते के रुप में देखा जा रहा है. हालांकि मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी इस तरह की समिति के गठन के ख़िलाफ़ है. उसका कहना है कि यह सरकार और वामपंथी दलों भर का मामला नहीं है और इसके लिए संयुक्त संसदीय समिति का गठन होना चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें 'गतिरोध दूर करने के लिए समिति बनेगी'27 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस मुख्यधारा और वामपंथियों के सरोकार25 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस सरकार फिलहाल संकट में नहीं:सीपीएम25 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस वामपंथियों की रणनीति और यूपीए सरकार23 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस राजदूत को लेकर संसद में फिर हंगामा22 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु ऊर्जा देश के लिए ज़रूरी:मनमोहन20 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस वामदल परमाणु संधि के विरोध में07 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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