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सरकार फिलहाल संकट में नहीं:सीपीएम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा है कि मनमोहन सिंह सरकार पर फिलहाल कोई ख़तरा नहीं है, बशर्ते सभी संदेहों को दूर करने के बाद ही परमाणु समझौते पर आगे बढ़ा जाए. इस बीच विदेश दौरे से लौटी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ख़ुद अगले हफ़्ते वामपंथी दलों से इस मसले पर बात कर सकती हैं. उनके राजनीतिक सचिव अहमद पटेल ने कहा, 'हम अपनी पार्टी में बातचीत करने के बाद अगले हफ़्ते उनसे (वाम दलों) बात करेंगे'. हालाँकि दक्षिण अफ़्रीका से लौटते ही सोनिया गांधी ने शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत की. इस बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद थे. 'सरकार पर ख़तरा नहीं' परमाणु करार के मामले पर वामपंथी दलों के रवैये में और नरमी आने के संकेत शुक्रवार को मिले जब माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य सीताराम येचुरी ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार पर कोई ख़तरा नहीं देख रही है. उनका कहना था, मैं इसे संकट के तौर पर नहीं देख रहा हूँ. ये (संकट) कहाँ था और कहाँ चला गया. हम यही कह रहे हैं कि बिना समीक्षा किए आगे न बढ़ें." येचुरी ने कहा कि सरकार को सिर्फ़ 'पॉज़' का बटन दबाना चाहिए, 'स्टॉप' या 'इजेक्ट' बटन नहीं. कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक से पहले विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने सोनिया गांधी से बातचीत की. माना जा रहा है कि दोनों के बीच वामपंथी दलों के साथ उपजे मतभेद को दूर करने के संभावित उपायों पर चर्चा हुई. | इससे जुड़ी ख़बरें 'परमाणु एजेंसी से बातचीत न करे सरकार'20 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस वामदलों ने गेंद यूपीए के पाले में डाली18 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौता मंज़ूर नहीं:वाम दल18 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस यूपीए-वाम रिश्तों में 'नरमी' के संकेत17 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते में नया पेंच16 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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