|
समझौता विस्फोट की साझा जाँच नहीं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने समझौता एक्सप्रेस में हुए विस्फोट की संयुक्त जाँच से इनकार किया है. हालांकि उसने कहा है कि जाँच की रिपोर्ट पाकिस्तान को उपयुक्त मंच पर उपलब्ध करा दी जाएगी. पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी से बुधवार को हुई चर्चा के बाद भारतीय विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने यह घोषणा की. यानी उन्होंने साझा जाँच के पाकिस्तान के अनुरोध को ठुकरा दिया है. साझा पत्रकारवार्ता में प्रणव मुखर्जी ने कहा कि छह मार्च को इस्लामाबाद में आतंकवाद पर होनेवाली दोनों देशों की बैठक में इस विस्फोट की जाँच की रिपोर्ट के बारे में पाकिस्तान के साथ आदान-प्रदान किया जाएगा. दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने इन धमाकों की कड़ी निंदा की और कहा कि इस विस्फोट से शांति प्रक्रिया में बाधा नहीं पड़ेगी. समझौता एक्सप्रेस में हुए धमाके के बाद दो बोगियों में आग लग गई थी और 68 लोग मारे गए थे. प्रणव मुखर्जी ने कहा कि भारत विस्फोट की जाँच करेगा. उन्होंने स्पष्ट रुप से कहा कि भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र है और वह इस विस्फोट की जाँच ख़ुद करेगा. ग़ौरतलब है कि इसके पहले पाकिस्तान की ओर से साझा जाँच की माँग उठी थी. सूचना का आदान-प्रदान कसूरी ने पत्रकारों को बताया कि दोनो देशों के नेताओं के बीच उच्चस्तरीय बातचीत के बाद तय हुआ था कि इस मामले पर जानकारी का आदान-प्रदान होगा. इसके पहले कसूरी ने कहा था, "पाकिस्तान भी इस मामले की जाँच और इस आपराधिक कार्रवाई के लिए ज़िम्मेदार लोगों का पता लगाने के बारे में उतना ही उत्सुक है जितना भारत है." ये पूछे जाने पर कि समझौता एक्सप्रेस की घटना के पीछे किसका हाथ है हो सकता है, उन्होंने इस बारे में कुछ कहने से इनकार कर दिया. उनका कहना था कि वे अटकलें नहीं लगाएँगे. ख़ुर्शीद महमूद क़सूरी का कहना था कि वे भारत आए हैं ताकि वे भारतीय विदेश मंत्री के साथ द्विपक्षीय बातचीत की प्रकिया आगे बढ़ा सकें. |
इससे जुड़ी ख़बरें भारत की रिपोर्ट का इंतज़ार है: क़सूरी20 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस रिश्तों पर असर नहीं, क़सूरी आज आएँगे19 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'समझौता' पर हमले की दुनिया भर में निंदा20 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'शांति प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए'20 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस राहत कार्यों में तेज़ी, 11 शवों की शिनाख़्त19 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस शांति प्रक्रिया को जारी रखने का संकल्प13 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'मुद्दे सुलझाने के लिए अच्छा माहौल है'13 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस भारत-पाक विदेश मंत्रियों की मुलाक़ात25 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||