|
'मुद्दे सुलझाने के लिए अच्छा माहौल है' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच अनसुलझे मुद्दों को हल करने के लिए इस वक़्त बहुत अच्छा दौर चल रहा है और कश्मीर सहित सभी मुद्दों को हल किया जा सकता है. परवेज़ मुशर्रफ़ ने भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी से शनिवार को इस्लामाबाद में मुलाक़ात के दौरान यह बात कही. प्रणव मुखर्जी शनिवार को पाकिस्तान दौरे पर पहुँचे और सितंबर 2006 में भारत के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के बीच हवाना में हुई मुलाक़ात के बाद मुखर्जी का यह महत्वपूर्ण पाकिस्तान दौरा है. प्रणव मुखर्जी ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी से मुलाक़ात की और दोनों नेताओं के बाद दोनों देश परमाणु दुर्घटना का ख़तरा कम करने, सियाचिन मुद्दा सुलझाने की प्रक्रिया तेज़ करने और वीज़ा प्रक्रिया को उदार बनाने पर सहमत हुए. दोनों नेताओं के बीच लगभग ढाई घंटे तक बातचीत हुई. नेताओं ने फ़ैसला किया कि संयुक्त आतंकवाद विरोधी प्रणाली की पहली बैठक मार्च में नई दिल्ली में आयोजित की जाए. एक दूसरे की जेल में बंद क़ैदियों की जल्द रिहाई पर विचार करने के लिए जजों की एक समिति बनाने पर भी सहमति हुई. ग़ौरतलब है कि कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच तीन युद्ध हो चुके हैं और इस मुद्दे की वजह से दोनों देशों के बीच अक्सर अदावत हो जाती है. दोनों देशों ने शांति प्रक्रिया 2004 में शुरू की थी लेकिन मुंबई में जुलाई 2006 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद रिश्तों में कुछ खटास आ गई थी. अच्छा माहौल प्रणव मुखर्जी ने शनिवार को राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ और विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी से मुलाक़ात की. मुखर्जी ने कसूरी से विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की. राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने एक वक्तव्य जारी करके कहा कि दोनों देशों ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान जो आपसी विश्वास बढ़ाने वाले क़दम उठाए हैं उनसे इस तरह का रचनात्मक माहौल पैदा हो गया है जो अनसुलझे मुद्दों को हल करने में मददगार साबित हो सकता है."
प्रणव मुखर्जी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौक़त अज़ीज़ से भी शनिवार को मुलाक़ात की और क़रीब एक घंटा चली इस बातचीत के बाद शौक़त अज़ीज़ ने कहा कि दक्षिण एशिया में अगर द्विपक्षीय मुद्दे हल कर लिए जाएँ तो यह क्षेत्र एक नई आर्थिक शक्ति के रूप में उभर सकता है. शौक़त अज़ीज़ ने कहा का पाकिस्तान भारत के साथ तमाम मुद्दे शांतिपूर्ण तरीके से हल करने के लिए संकल्पबद्ध है जिनमें जम्मू कश्मीर का मुद्दा भी है, और अगर ऐसा होता है तो दोनों देश शांति और सदभाव के माहौल में तरक्की और खुशहाली की नई मंज़िलें तय कर सकते हैं. प्रणव मुखर्जी ने भी कहा कि भारत भी पाकिस्तान के साथ तमाम मुद्दे हल करने के लिए वचनबद्ध है जिससे अच्छे पड़ोसी रिश्ते बने रह सकें और ये संबंध आतंकवाद जैसी समस्या से प्रभावित नहीं होने देने चाहिए. मुखर्जी ने कहा कि पाकिस्तान का दौरा करते हुए वह बेहद ख़ुशी महसूस कर रहे हैं. प्रणव मुखर्जी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का एक पत्र भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शौक़त अज़ीज़ को सौंपा जिसमें उन्हें अप्रैल 2007 में दिल्ली में प्रस्तावित सार्क सम्मेलन में भाग लेने का न्यौता दिया गया है. शौक़त अज़ीज़ ने भी प्रणब मुखर्जी से कहा कि वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पाकिस्तान आने का न्यौता दोहराया. इस मुलाक़ात में पाकिस्तान की तरफ़ से विदेश मंत्री ख़ुर्शीद कसूरी, विदेश सचिव रियाज़ मोहम्मद ख़ान, भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त शाहिद मलिक और सार्क के महानिदेशक जलील अब्बास जीलानी ने हिस्सा लिया. भारत की तरफ़ से विदेश सचिव शिवशंकर मेनन, पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त सत्यब्रत पाल, संयुक्त सचिव (पाकिस्तान) दिलीप सिन्हा और संयुक्त सचिव (सार्क) सुश्री प्रीति सरन ने हिस्सा लिया. | इससे जुड़ी ख़बरें 'राजनयिकों की आवाजाही प्रतिबंधित' 16 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस भारत-पाक विदेश मंत्रियों की मुलाक़ात25 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस भारत-पाक विदेश सचिवों की बातचीत17 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस आरोप-प्रत्यारोप से बढ़ा है अविश्वास02 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस कश्मीर पर बात ज़रूरी:कसूरी16 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस भारत-पाक के बीच आवागमन बढ़ा27 जून, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||