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शनिवार, 13 जनवरी, 2007 को 02:21 GMT तक के समाचार
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शांति प्रक्रिया को जारी रखने का संकल्प
प्रणव मुखर्जी और शौकत अज़ीज़
प्रणव मुखर्जी ने शौकत अज़ीज़ को भारत आने का न्यौता दिया
पाकिस्तान के दौरे पर गए भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के साथ मुलाक़ात में कश्मीर मुद्दे पर चर्चा की है.

अधिकारियों के मुताबिक़ बातचीत में दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया को आगे भी जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया.

विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी और राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के बीच बातचीत एक घंटे से भी ज़्यादा समय तक चली.

बातचीत के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने बताया, "दोनों देशों के संबंधों को लेकर व्यापक बातचीत हुई. बातचीत में सभी मुद्दों पर चर्चा हुई. जिनमें विवादित मुद्दों को हल करने पर भी बात हुई. आतंकवाद और जम्मू-कश्मीर पर भी विचार-विमर्श हुआ."

प्रणव मुखर्जी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ से भी मुलाक़ात की और उन्हें आगामी दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) की बैठक में हिस्सा लेने का न्यौता भी दिया.

राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के साथ बातचीत के बाद उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने पिछले तीन दौर की बातचीत में अच्छी ख़ासी प्रगति की है.

 दोनों देशों के संबंधों को लेकर व्यापक बातचीत हुई. बातचीत में सभी मुद्दों पर चर्चा हुई. जिनमें विवादित मुद्दों को हल करने पर भी बात हुई. आतंकवाद और जम्मू-कश्मीर पर भी विचार-विमर्श हुआ
नवतेज सरना, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता

प्रणव मुखर्जी के साथ विदेश सचिव शिव शंकर मेनन और दूसरे वरिष्ठ अधिकारी भी गए हैं.

इस्लामाबाद पहुँचने पर पाकिस्तान के विदेश सचिव रियाज़ मोहम्मद ख़ान और भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने प्रणव मुखर्जी की आगवानी की.

दूसरी ओर पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने उम्मीद जताई है कि दोनों देश परस्पर विवादों का हल ढूँढ निकालने में सफल होंगे.

विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी ने कहा है कि प्रणव मुखर्जी के साथ बातचीत के दौरान सिर्फ़ तीसरे दौर की समग्र वार्ता की समीक्षा ही नहीं होगी बल्कि इससे आगे बढ़ने की कोशिश की जाएगी.

मुशर्रफ़ को उम्मीद

जनरल मुशर्रफ़ ने इस्लामाबाद में हॉर्वर्ड बिज़नेस स्कूल के छात्रों को संबोधित करते हुए भारत के साथ संबंधों पर कहा, "मुझे उम्मीद की किरण नज़र आ रही है. लेकिन परस्पर विश्वास बहाली के उपायों से आगे निकल कर विवादास्पद मसलों को भी हल करने ज़रूरत है."

 अगर राजनीतिक नेतृत्व संकल्प और लचीलापन दिखाए तो हम उम्मीद से पहले परिणाम सामने देख सकते हैं
परवेज़ मुशर्रफ़

उन्होंने कहा, "अगर राजनीतिक नेतृत्व संकल्प और लचीलापन दिखाए तो हम उम्मीद से पहले परिणाम सामने देख सकते हैं."

जनरल मुशर्रफ़ ने कहा कि दोनों देशों के लोगों की भलाई के लिए यह ज़रूरी है कि पूरे क्षेत्र में शांति क़ायम करने की कोशिश की जाए.

दूसरी ओर पाकिस्तानी विदेश मंत्री कसूरी ने कहा, "हम कश्मीर, सियाचिन और सर क्रीक पर उद्देश्यपूर्ण बातचीत करेंगे और चौथे दौर की समग्र वार्ता के लिए नए मानक तय करने की कोशिश करेंगे."

उनका कहना था कि दोनों देश पिछले तीन दौर की वार्ता के दौरान संबंध सुधार की दिशा में आगे बढ़े हैं लेकिन यह विवादों का हल निकालने के बजाए विश्वास बहाली पर केंद्रित रहा.

इससे पहले दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच पिछले साल नवंबर में नई दिल्ली में बातचीत हुई थी जिसमें कुछ मसलों पर सहमति बनी थी.

इस दौरान हवाना संयुक्त प्रेस वक्तव्य की भावना को आगे बढ़ाते हुए आतंकवाद और इसका मुक़ाबला करने के असरदार तरीक़ों पर चर्चा हुई. बातचीत में आतंकवाद का मुक़ाबला करने के लिए तीन सदस्यों वाला एक पैनल बनाने पर भी सहमति बनी थी.

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