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'एलटीटीई की' तीन नौकाएँ नष्ट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका की सेना का कहना है कि उसने शनिवार तड़के राजधानी कोलंबो के तटवर्ती क्षेत्र में तीन नौकाओं को नष्ट कर दिया. सेना के अनुसार आशंका थी कि ये नौकाएँ तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई की थीं और इनसे कोलंबो की बंदरगाह पर हमला हो सकता था. वर्ष 2002 में श्रीलंका की सरकार और तमिल विद्रोहियों के संगठन एलटीटीई के बीच दो दशक की हिंसा के बाद संघर्षविराम हुआ था. चाहे ये संघर्षविराम अब भी जारी है लेकिन पिछले कई महीनों से हिंसा लगातार बढ़ रही है और पिछले साल में ही हुई हिंसा में 3500 लोग मारे गए है. पिछले साल अक्तूबर में तमिल चरमपंथियों ने गैले बंदरगाह पर हमला किया था जिसमें दो लोग मारे गए थे. 'चेतावनी दी गई थी' श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि नौकाओं पर तब हमला किया गया जब प्रतिबंधित क्षेत्र में उन्हें रुकने का आदेश दिया गया लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. फ़िलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि इस हमले में कितने लोग हताहत हुए हैं लेकिन स्थानीय लोगों ने भीषण गोलीबारी की आवाज़ सुनने की बात कही है. नौसेना का कहना है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में तीन नौकाओं को आते देखा गया लेकिन जब उन्हें चुनौती दी गई और चेतावनी के तौर पर गोली चलाई गई तो इसका उन पर कोई असर नहीं हुआ. फिर नौसेना ने एक नौका पर गोलीबारी की और उसमें धमाका हुआ जिससे वह नष्ट हो गई. इसके बाद दो अन्य नौकाएँ वापस जाने लगीं लेकिन नौसेना ने उनका पीछा किया और उन्हें भी नष्ट कर दिया. राष्ट्रीय सुरक्षा के मीडिया सेंटर के एक प्रवक्ता ने समाचार एजेंसियों को बताया, "स्पष्ट है कि ये तमिल विद्रोहियों की नौकाएँ थीं. लेकिन फ़िलहाल शायद ये नहीं कहा जा सकता कि ये आत्मघाती हमला था." | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका में बम विस्फोट, पाँच की मौत05 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में विद्रोही ठिकानों पर बमबारी02 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका को जर्मनी से मदद रूकी25 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में सीधा हस्तक्षेप नहीं-प्रणव22 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस तमिल विद्रोही नेता बालासिंघम का निधन14 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका की स्थिति से संयुक्त राष्ट्र चिंतित12 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस संघर्ष के कारण हज़ारों ने पलायन किया10 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 30 सैनिकों के मारे जाने का दावा09 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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