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'भारत-पाक इस मौक़े का फ़ायदा उठाएँ' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुटनिरपेक्ष देशों के सम्मेलन के दौरान राष्ट्राध्यक्षों को संबोधित करते हुए पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने उम्मीद जताई है भारत और पाकिस्तान का नेतृत्व इस ऐतिहासिक अवसर का फ़ायदा उठाकर दक्षिण एशिया में तनाव और संघर्ष के अध्याय को पीछे छोड़ देंगे. महत्वपूर्ण है कि शनिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की मुलाकात से पहले राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने ऐसा कहा है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पहले ही कह चुके हैं कि सीमित समय में आतंकवाद समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी. उधर राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने उम्मीद जताई है कि बैठक से कोई ठोस नतीजा निकलेगा. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने अपने संबोधन में कहा, "पाकिस्तान ईमानदारी से शांति और सहयोग बढ़ाने के प्रयास कर रहा है. भारत के साथ तीन साल चली कोशिशों से लोगों में विश्वास बढ़ा है. हम शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और जम्मू-कश्मीर समेत सभी मुद्दों का हल ढूँढने के लिए दृढ़ संकल्प हैं." अंतरराष्ट्रीय मामलों पर बोलते हुए राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा, "हमारी रणनीति आतंकवाद को इस्लाम से जोड़कर देखने के रवैए का विरोध करने की होनी चाहिए. उनका कहना था, "मुसलमानों के साथ भेदभाव का भी विरोध करना होगा जिससे पश्चिमी देशों और इस्लामिक जगत के बीच की दूरी और बढ़ रही है." महत्वपूर्ण है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने भाषण में पाकिस्तान और भारत के रिश्तों या विवादों का कोई विशेष ज़िक्र नहीं किया. | इससे जुड़ी ख़बरें 'धमाकों से शांति प्रक्रिया मुश्किल हुई'15 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान को प्रधानमंत्री की चेतावनी14 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस भारत और पाकिस्तान की कश्मीर पर चर्चा 18 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस कश्मीर अंतरराष्ट्रीय मसला: पाकिस्तान08 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस कश्मीरी नेताओं की मिली-जुली प्रतिक्रिया08 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस कोई विदेशी ताकत हमें हुक्म न दे: भारत07 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस भारत-पाक रेल संपर्क पर वार्ता शुरू05 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस भारत पर धौंस जमाने का आरोप03 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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